गुरुवार, 20 सितंबर 2018

विभिन्न उपकरण एवं उनके उपयोग

विभिन्न उपकरण एवं उनके उपयोग👇🏻

1)अल्टीमीटर → उंचाई सूचित करने हेतु वैज्ञानिक यंत्र

2) अमीटर → विद्युत् धारा मापन

3) अनेमोमीटर→ वायुवेग का मापन

4) ऑडियोफोन→ श्रवणशक्ति सुधारना

5) बाइनाक्युलर→ दूरस्थ वस्तुओं को देखना

6) बैरोग्राफ → वायुमंडलीय दाब का मापन

7) क्रेस्कोग्राफ→ पौधों की वृद्धि का अभिलेखन

8) क्रोनोमीटर → ठीक ठीक समय जानने हेतु जहाज में लगायी जाने वाली घड़ी

9) कार्डियोग्राफ → ह्रदयगति का मापन

10) कार्डियोग्राम → कार्डियोग्राफ के कार्य में सहयोगी

11) कैपिलर्स →दूरियां मापने का

12) डीपसर्किल → नतिकोण का मापन

13) डायनमो→ यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत् उर्जा में बदलना

14) एपीडायस्कोप→ फिल्मों का पर्दे पर प्रक्षेपण

15) फैदोमीटर → समुद्र की गहराई मापना

16) गल्वनोमीटर → अति अल्प विद्युत् धारा का मापन

17) गाड्गरमुलर→ परमाणु कण की उपस्थिति व् जानकारी लेने हेतु

18) मैनोमीटर → गैस का घनत्व नापना

19) माइक्रोटोम्स→ किसी वस्तु का अनुवीक्षनीय परिक्षण हेतु छोटे भागों में विभाजित करता है।

20) ओडोमीटर → कार द्वारा तय की गयी दूरी बताता है।

21) पेरिस्कोप → जल के भीतर से बाहरी वस्तुएं देखि जाती हैं।

22) फोटोमीटर→ प्रकाश दीप्ति का मापन

23) पाइरोमीटर→ अत्यंत उच्च ताप का मापन

24) रेडियोमीटर → विकिरण द्वारा विकरित उर्जा का मापन

25) सीज्मोमीटर → भूकंप की तीव्रता का मापन

26) सेक्सटेंट → ग्रहों की उंचाई जानने हेतु

27) ट्रांसफॉर्मर → प्रत्यावर्ती धारा की वोल्टता में परिवर्तन करने हेतु

28) टेलीप्रिंटर→ टेलीग्राफ द्वारा भेजी गयी सूचनाओं को स्वतः छापने वाला यंत्र

29) टैक्सीमीटर→ टैक्सीयों में किराया दर्शाने वाला यंत्र

30) टैकोमीटर → मोटरबोट व् वायुयान का वेगमापक
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31) टेलीस्कोप → दूरस्थ वस्तुओं को देखने में सहायक यंत्र

32) जाइरोस्कोप→ वस्तु की गति का अध्ययन

33) ग्रेवीमीटर → जल में उपस्थित तेल क्षेत्रों का पता लगाना

34) ग्रामोफोन → रिकार्ड पर उपस्थित ध्वनि को पुनः सुनाने वाला यंत्र

35) कायमोग्राफ → रक्तदाब, धडकन का अध्ययन

36) कायनेस्कोप→ टेलीविजन स्क्रीन के रूप में
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37) कैलिपर्स → छोटी दूरियां मापने वाला यंत्र

38) कैलोरीमीटर→ ऊष्मा मापन का कार्य

39) कार्ब्युरेटर → इंजन में पेट्रोल का एक निश्चित भाग वायु में भेजने वाला यंत्र

40) कम्पास→ दिशा ज्ञान हेतु प्रयुक्त

41) कम्प्यूटेटर→ विद्युत धारा की दिशा बताने वाला यंत्र

42) एपिकायस्कोप→ अपारदर्शी चित्रों को पर्दे पर दिखाना

43) एपिडोस्कोप → सिनेमा में पर्दे पर चित्रों को दिखाना

44) एस्केलेटर → चलती हुई यांत्रिक सीढियां

45) एक्सियरोमीटर → वायुयान का वेगमापक

46) एक्टियोमीटर → सूर्य किरणों की तीव्रता मापने का यंत्र

47) एयरोमीटर → गैसों का भार व् घनत्व मापक

48) एक्युमुलेटर → विद्युत् उर्जा संग्राहक

49) ओसिलोग्राफ → विद्युत् अथवा यांत्रिक कम्पन सूचित करने हेतु

50) स्टेथोस्कोप→ ह्रदय व् फेफड़े की गति के अध्ययन हेतु

51) स्फिग्नोमैनोमीटर → धमनियों में रक्तदाब की तीव्रता ज्ञात करना।।

52) जीटा→ शून्य उर्जाताप नाभिकीय संयोजन

53) डेनियल सेल → परिपथ में विद्युत् उर्जा प्रवाहित करने हेतु

54) डिक्टाफोन → बातचीत रिकार्ड करके पुनः सुनाने वाला यंत्र

55) डायलिसिस → गुर्दे खराब होने पर रक्त शोधन हेतु

56) थर्मामीटर → ताप मापन हेतु

57) थर्मोस्टेट → ताप स्थाई बनाये रखने हेतु

58) हिप्सोमीटर → समुद्र तल से उंचाई ज्ञात करने हेतु

59) हाइड्रोफोन → पानी के भीतर ध्वनि अंकित करना

60) स्पेक्ट्रोमीटर→प्रकाश का अपवर्तनांक ज्ञात करना

61) हाइड्रोमीटर→ द्रवों की आपेक्षिक आर्द्रता ज्ञात करना

62) हाइग्रोमीटर→ वायु की आपेक्षिक आर्द्रता ज्ञात करना

63) स्टीरियोस्कोप → फोटो को पर्दे पर त्रिविमीय (3डी) रूप में दिखाना

64) वानडीग्राफ जनरेटर → उच्च विभवान्तर उत्पन्न करना

65) वोल्टमीटर→ विभवान्तर मापना

66) लैक्टोमीटर→ दूध की शुद्धता मापना

67) रिफ़्रैक्टोमीटर→ माध्यमों के अपवर्तनांक ज्ञात करना।

68) रेनगेज → वर्षा की मात्रा का मापन

69) रेडिएटर → वाहनों के इंजन को ठंडा रखना

70) रेफ्रिजरेटर → विशेषतः खाद्य पदार्थों को ठंडा रखना

71) रडार → वायुयान की स्थिति ज्ञात करना

72) माइक्रोमीटर → अति लघु दूरियां नापना

73) मेगाफोन→ ध्वनि को दूरस्थ स्थानों पर ले जाना

74) बैटरी → विद्युत् उर्जा का संग्रहण

75) बैरोमीटर → वायुदाब का मापन

शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

छत्तीसगढ़ के बारे में कुछ जानकारियां,,,,,
छत्तीसगढ़ का प्रयाग - राजिम
छत्तीसगढ़ का काशी - खरौद
छत्तीसगढ़ का नियाग्रा- चित्रकुट
छत्तीसगढ़ का शिमला - मैनपाट
तलाबो का शहर - रतनपुर
छत्तीसगढ़ का नागलोक - तपकरा
इस्पात नगरी - भिलाई
छत्तीसगढ़ का खजुराहो - भोरमदेव
छत्तीसगढ़ का कश्मीर - चैतुरगढ़
मंदिरो की नगरी - आरंग
छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा स्थल - अंबिकापुर
छत्तीसगढ़ की पहली राजधानी - रतनपुर
छत्तीसगढ़ का सबसे गर्म स्थल - चांपा
 छत्तीसगढ आंकडों के आईने में --
01- राष्टीय उघान-3
02- अभ्यरण्य-11
03- सम्भाग-5
04-जिला- 27
05-तहसील- 149
06-विकासखण्ड- 146
07-अादिवासी विकासखण्ड-85
08-नगरनिगम- 12
09-नगर पालिका- 44
10-नगर पंचायत- 113
11-जिला पचायत- 27
12-जनपद पंचायत- 146
13-ग्राम पंचायत-10968
14-शासकीय वि.वि.-13
15-राजकीय वि.वि.--7
16-केन्द्रीय वि.वि.--1
17-नेशनल हाइवे की संख्या-17
18-नेशनल हाइवे की लम्बाई-3073 कि.मी.
19-स्टेट हाइवे की संख्या-27
20-स्टेट हाइवे की लम्बाई--4374 कि.मी
29-सडको की कुल लम्बाई-- 32232 कि.मी.
30-राज्य सभा सीट--5
31-लोक सभा सीट-11
32-विधानसभा सीट-- 90
33-धान समर्थन मुल्य--1400 रू (A ग्रेड)
34-धान समर्थन मूल्य--1360 रू (मोटा )
35-वन क्षेञफल में देश में स्थान-3
36-छ..ग. में रिकार्डेड वन -59
772 वर्ग कि.मी.( 44.21%) ( SFR -2011)
37-छ.ग. में वनावरण ---55621 वर्ग कि.मी. (41.14%) ( SFR -2013)
38-छ.ग. में वनावरण + व् क्ष -59084 वर्ग कि.मी. (43.70%) ( SFR -2013)
39-छ.ग. में बाघ की संख्या है--46
40-छ.ग. में वन वत् --6
41-छ.ग. में क्षेञीय वन मंडल--34
42-छ.ग. में वनपाल विघालय- 1
43-छ.ग. में वन रक्षक विघालय-5
44-छ.ग.खनिज भंडारण में देश में स्थान ---3
45-छ.ग.खनिज उत्पादन में देश में स्थान--5 (8.67%)
46-छ.ग.कोयला भंडारण में देश में स्थान-3 (17.42%)
47-छ.ग.कोयला उत्पादन में देश में स्थान-1( 22.6%)
48-छ.ग.लोहा भंडारण में देश में स्थान -1 (18.67%)
49-छ.ग.लोहा उत्पादन में देश में स्थान --2 (19.78%)
50-छ.ग.डोलोमाईट उत्पादन में देश में स्थान-1 (36.5%)
51-छ ग.टीन उत्पादन में देश में स्थान- 1
52-महतारी एक्सप्रेस-102
53-निशुल्क स्वस्थ्य सलाह-104
54-संजीवनी एक्सप्रेस-108
55-मुक्तांजली वाहन--1099
56-महिला एवं बालिका संरक्षण -1091
57-नया रायपुर का कुल क्षेञफल-8013 हेक्टेयर
58-छ.ग. में विघुत उत्पादन क्षमता-2425 मेघावाट
59-35 राष्टीय खेल में स्थान-24 वां
60-35 राष्टीय खेल में कुल पदक-10
61-IST को स्पर्श करने वाले जिले की संख्या--7
62-कर्क रेखा को स्पर्श करने वाले जिले की संख्या--3
63-उत्तर से दक्षिण की लम्बाई-700 कि.मी. से अधिक
64-पूर्व से पश्चिम की लम्बाई -435 कि.मी.
65-क्षेञफल की द्र ष्टि से स्थान-10 वां
66-जनसंख्या की द्र ष्टि से स्थान-16 वां
67-साक्षारता की द्र ष्टि से स्थान--27 वां
68-लिंगानुपात की द्र ष्टि से स्थान- 5 वां
69-जनगणना नगरो कि संख्या-182
70-जनगणना गांवों की संख्या -20126
71-आर्थिक सर्वे में गांवो की संख्या -20294
72-आर्थिक सर्वे में प्रतिव्यक्ति आय -64442 ( 2014-15)
73-आर्थिक सर्वे में प्रतिव्यक्ति आय-X 58547 (2013-14)
74-छ.ग. का क्षेञफल--135191

कुछ निम्नलिखित शब्दों  का सस्वर उच्चारण करें-
#अंग्रेज़ी
#अंपायर
#घंटे
#अंत
#अंग
#रंग
#सिंह
#अष्टांग
#बिंदु
#इंग्लैंड
#शंका
#ढंकना
इत्यादि...

अब उन्ही सब शब्दों को निम्न प्रकार से सस्वर उच्चारण करें।

#अन्ग्रेज़ी
#अम्पायर
#घण्टे
#अन्त
#अन्ग
#रन्ग
#सिन्घ
#अष्टान्ग
#बिन्दु
#इन्ग्लैंड
#शन्का
#ढन्कना

कुछ अन्तर परिलक्षित अवश्य हुआ होगा,  नहीं ?
अच्छा अब ऐसे देखिए
कि
अनुस्वार और अनुनासिक - हिंदी व्याकरण

अनुस्वार

अनुस्वार स्वर के बाद आने वाला व्यंजन है। इसकी ध्वनि नाक से निकलती है। हिंदी भाषा में बिंदु अनुस्वार (ं) का प्रयोग विभिन्न जगहों पर होता है। हम जानेंगे की कब और क्यों इनका प्रयोग किया जाता है।

पंचम वर्णों के स्थान पर

अनुस्वार (ं) का प्रयोग पंचम वर्ण ( ङ्, ञ़्, ण्, न्, म् - ये पंचमाक्षर कहलाते हैं) के स्थान पर किया जाता है। जैसे -
गड्.गा - गंगा
चञ़्चल - चंचल
झण्डा - झंडा
गन्दा - गंदा
कम्पन - कंपन

अनुस्वार को पंचम वर्ण में बदलने का नियम-

अनुस्वार के चिह्न के प्रयोग के बाद आने वाला वर्ण ‘क’ वर्ग, ’च’ वर्ग, ‘ट’ वर्ग, ‘त’ वर्ग और ‘प’ वर्ग में से जिस वर्ग से संबंधित होता है अनुस्वार उसी वर्ग के पंचम-वर्ण के लिए प्रयुक्त होता है।

नियम -

• यदि पंचमाक्षर के बाद किसी अन्य वर्ग का कोई वर्ण आए तो पंचमाक्षर अनुस्वार के रूप में परिवर्तित नहीं होगा। जैसे- वाड्.मय, अन्य, चिन्मय, उन्मुख आदि शब्द वांमय, अंय, चिंमय, उंमुख के रूप में नहीं लिखे जाते हैं।
• पंचम वर्ण यदि द्वित्व रूप में दुबारा आए तो पंचम वर्ण अनुस्वार में परिवर्तित नहीं होगा। जैसे - प्रसन्न, अन्न, सम्मेलन आदि के प्रसंन, अंन, संमेलन रूप नहीं लिखे जाते हैं।
• जिन शब्दों में अनुस्वार के बाद य, र, ल, व, ह आये तो वहाँ अनुस्वार अपने मूल रूप में ही रहता है। जैसे - अन्य, कन्हैया आदि।
• यदि य , र .ल .व - (अंतस्थ व्यंजन) श, ष, स, ह - (ऊष्म व्यंजन) से पहले आने वाले अनुस्वार में बिंदु के रूप का ही प्रयोग किया जाता है चूँकि ये व्यंजन किसी वर्ग में सम्मिलित नहीं हैं। जैसे - संशय, संयम आदि।

 अनुस्वार शब्द के कुछ उदाहरण निम्न हैं।

• सुन्दर, पंक्ति, चकाचौंध, श्रृंगार, संसर्ग, वंचित, गंध, उपरांत, सौंदर्य, संस्कृति।

• बंद, बंधन, पतंग, संबंध, ज़िंदा, नंगा, अंदाज़ा, संभ्रांत।

• कैंप, अधिकांश, संपूर्ण, सुन्दर, रंगीन, तंबू, नींद, ठंडी, पुंज, हिमपिंड, अत्यंत, कुकिंग, सिलिंडर, चिंतित, कौंधा, शंकु, लंबी, आनंद।

• निस्संकोच, फ़ेंक, संभावना, अंकित, अंतरंग, बैंजनी, आशंका, बिंदु, खिंच, अंशों, गेंद, सेंटर, संक्रमण, गुंजायमान, अंतिम, स्टैंड।

• असंख्य, नींव, संस्था, अत्यंत, क्रांति, संश्लेषण, चिंतन, ढंग, संघर्ष, प्रारंभ, संपादन, सिद्धांत।

• पसंद, गंदा, रौंदते, सींगो, खंभात, पंकज, कंठ।

• भयंकर, प्रपंच, शंख।

• मंडल, मंत्री, सौंप, संक्षिप्त, अंग्रेजी, प्रशंसक, संचालक, ग्रंथकार, धुरंधर, संपन्न।

#अनुस्वार_शब्द

कंधे, चौंका, परंतु, हंस, काकभुशुंडी, संदेश, संधि, चंचल, बंद, बसंत, गंध, झुंड, ठंडक, पंजे।

दिसंबर, प्रारंभ, भयंकर, सायंकाल, आशंका, डंडा, त्योंही, उपरांत, संकल्प, डेंग, इंद्रियों, कंप, खिंच, गुंजल्क, धौंकनी।

संदर्भ, आतंक, तांडव, श्रृंखला, शूटिंग, हस्तांतरण, शांति, सींकें, अंधकार।

#अनुनासिक_स्वर

अनुनासिक स्वरों के उच्चारण में मुँह से अधिक तथा नाक से बहुत कम साँस निकलती है। इन स्वरों पर चन्द्रबिन्दु (ँ) का प्रयोग होता है जो की शिरोरेखा के ऊपर लगता है।

 आँख, माँ, गाँव आदि।

अनुनासिक के स्थान पर बिंदु का प्रयोग

जब शिरोरेखा के ऊपर स्वर की मात्रा लगी हो तब सुविधा के लिए चन्द्रबिन्दु (ँ) के स्थान पर बिंदु (ं) का प्रयोग करते हैं।

 मैं, बिंदु, गोंद आदि।

अनुनासिक और अनुस्वार में अंतर

अनुनासिक स्वर है और अनुस्वार मूल रूप से व्यंजन है। इनके प्रयोग में कारण कुछ शब्दों के अर्थ में अंतर आ जाता है। जैसे - हंस (एक जल पक्षी), हँस (हँसने की क्रिया)।

 #अनुनासिक_शब्द

• गाँव, मुँह, धुँधले, कुआँ, चाँद, भाँति, काँच।

• बाँट, अँधेर, माँ, फूँकना, आँखें।

• बाँधकर, पहुँच, ऊँचाई, टाँग, पाँच, दाँते, साँस।

• धुआँ, चाँद, काँप, मँहगाई, जाऊँगा।

• ढूँढने, ऊँचे, भाँति।

• रँगी, अँगूठा, बाँधकर।

• मियाँ, अजाँ।

• जालियाँवाला, ऊँगली, ठूँस, गूँथ।

#अनुनासिक_शब्द

काँव-काँव, उँगली, काँच, बूँदें, रोएँ, पूँछ, काँच, झाँकते।

बूँदा-बाँदी, गाँव, आँगन, कँप-कँपी, बाँध, साँप, कुएँ, पाँच, फुँकार, फूँ-फूँ, दाँत।

झाँका, मुँहजोर, उँड़ेल, बाँस, सँभाले,  धँसकर।

अब आप कोई भी अनुस्वार लगा शब्द देखें.....जैसे ..गंगा , कंबल , झंडा , मंजूषा, धंधा

उच्चारण के आधार पर स्वर को दो भागों में विभक्त किया जाता है।
1. अनुनासिका
2. निरनुनासिका

निरनुनासिका स्वर वे हैं जिनकी ध्वनि केवल मुख से निकलती है।

अनुनासिका स्वर में ध्वनि मुख के साथ साथ नासिका द्वार से भी निकलती है। अत: अनुनासिका को प्रकट करने के लिए शिरो रेखा के ऊपर बिंदु या चन्द्र बिंदु का प्रयोग करते हैं। शब्द के ऊपर लगायी जाने वाली रेखा को शिरोरेखा कहते हैं।

बिंदु या चंद्रबिंदु को हिंदी में क्रमश: अनुस्वार और अनुनासिका कहा जाता है।

अनुस्वार और अनुनासिका में अंतर -----

1- अनुनासिका स्वर है जबकि अनुस्वार मूलत: व्यंजन।
2- अनुनासिका (चंद्रबिंदु) को परिवर्तित नहीं किया जा सकता, जबकि अनुस्वार को वर्ण में बदला जा सकता है।
3- अनुनासिका का प्रयोग केवल उन शब्दों में ही किया जा सकता है जिनकी मात्राएँ शिरोरेखा से ऊपर न लगीं हों। जैसे अ, आ, उ, ऊ
उदाहरण के रूप में --- हँस, चाँद, पूँछ

4. शिरोरेखा से ऊपर लगी मात्राओं वाले शब्दों में अनुनासिका के स्थान पर अनुस्वार अर्थात बिंदु का प्रयोग ही होता है. जैसे ---- गोंद , कोंपल, जबकि अनुस्वार हर तरह की मात्राओं वाले शब्दों पर लगाया जा सकता है.

जब अनुस्वार को व्यंजन मानते हैं तो इसे वर्ण में किन नियमों के अंतर्गत परिवर्तित किया जाता है....इसके लिए सबसे पहले हमें सभी व्यंजनों को वर्गानुसार जानना होगा.......।

(क वर्ग ) क , ख ,ग ,घ ,ड.
(च वर्ग ) च , छ, ज ,झ , ञ
(ट वर्ग ) ट , ठ , ड ,ढ ण
(त वर्ग) त ,थ ,द , ध ,न
(प वर्ग ) प , फ ,ब , भ म
य , र .ल .व
श , ष , स ,ह

यहाँ अनुस्वार को वर्ण में बदलने का नियम है कि जिस अक्षर के ऊपर अनुस्वार लगा है उससे अगला अक्षर देखें ....जैसे गंगा ...इसमें अनुस्वार से अगला अक्षर गा है...ये ग वर्ण क वर्ग में आता है इसलिए यहाँ अनुस्वार क वर्ग के पंचमाक्षर अर्थात ङ में बदला जायेगा. दूसरा शब्द लेते हैं. जैसे कंबल –
यहाँ अनुस्वार के बाद ब अक्षर है जो प वर्ग का है ..ब वर्ग का पंचमाक्षर म है इसलिए ये अनुस्वार म वर्ण में बदला जाता है
कंबल..... कम्बल
झंडा ..---- झण्डा
मंजूषा --- मञ्जूषा
धंधा --- धन्धा
ध्यान देने योग्य बात ----
1 अनुस्वार के बाद यदि य , र .ल .व
श ष , स ,ह वर्ण आते हैं यानी कि ये किसी वर्ग में सम्मिलित नहीं हैं तो अनुस्वार को बिंदु के रूप में ही प्रयोग किया जाता है .. तब उसे किसी वर्ण में नहीं बदला जाता...जैसे संयम ...यहाँ अनुस्वार के बाद य अक्षर है जो किसी वर्ग के अंतर्गत नहीं आता इसलिए यहाँ बिंदु ही लगेगा।

2- जब किसी वर्ग के पंचमाक्षर एक साथ हों तो वहाँ पंचमाक्षर का ही प्रयोग किया जाता है. वहाँ अनुस्वार नहीं लगता। जैसे सम्मान, चम्मच, उन्नति, जन्म आदि।

3- कभी-कभी जल्दबाजी में या लापरवाही के चलते हम अनुस्वार जहाँ आना चाहिए नहीं लगाते, तब शब्द के अर्थ बदल जाते हैं। उदाहरण देखिये –
चिंता -------- चिता
गोंद ----------- गोद
गंदा-------------- गदा ... इत्यादि।

सोमवार, 20 अगस्त 2018

Afraid related words

Afraid related words:

1. Fear - डर

2. Anxiety - उत्सुकता

3. Fearful - भयभीत

4. Scared - डरा हुआ

5. Scary - डरावना

6. Horror - डर

7. Horrified - अत्यंत भय करना

8. Reluctant - असन्तुष्ट

9. Cowed - अभित्रस्त

10. Perturbed - उद्विग्न

11. Disturbed - अशांत

12. Timorous - डरा हुआ

13. Shaking in one's shoes - डरना

14. Anxious - बेचैन

15. Petrified - हक्का बक्का कर देना

16. Nervous - घबराया हुआ

17. Timid - डरपोक

18. Panicky - घबराया हुआ

19. Terror struck - बहुत अधिक भयभीत

20. Faint - बेहोश होकर गिर पढ़ना

21. Fright - भय

22. Frightened - भयभीत

23. Terror - ख़ौफ़

24. Terrified - भयभीत

25. Spooked - डर जाना

26. Spooky - ख़ौफ़नाक

27. Blanched - रक्तहीन

28. Scared to death - बहुत डर जाना

29. Meek - अहंकाररहित व्यक्ति

गुरुवार, 16 अगस्त 2018

Gk time

Q.1. भारत का कौन सा राज्य "चीनी का कटोरा" के नाम से जाना जाता है?

ans: उत्तर प्रदेश

Q.2.सिन्धु नदी का उदगम स्थल कहाँ है?

ans:मानसरोवर झील

Q.3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष कौन थे?

ans: बदरुद्दीन तैयब जी

Q.4. गांधी जी के राजनैतिक गुरु कौन थे?

ans:गोपालकृष्ण गोखले

Q.5. अनंतनाग झील किस राज्य में है ?

ans:जम्मू कश्मीर

Q.6. पिछौला झील किस राज्य में है ?

ans: राजस्थान

Q.7.राजस्थान की किस झील में साधारण नमक पाया जाता है ?

ans:सांभर झील

Q.8. ख्वाजा मोइनिद्दीन चिस्ती/अजमेर शरीफ दरगाह की दरगाह किस शहर में है ?

ans:अजमेर, राजस्थान

Q.9.अजमेर को किस पर्वत श्रृंखला ने घेरा हुआ है ?

ans:अरावली पर्वत शृंखला

Q.10.जलदापारा जंगल किस राज्य में है ?

ans:पश्चिम बंगाल

Q.11. सातताल झील भारत के किस राज्य में है?

ans: उत्तराखंड

Q.12.जलदापारा नेशनल पार्क किस प्रकार के जानवरों के लिए प्रसिद्द है ?

ans:एक सींघ वाले राइनो

Q.13. भूटान की राजधानी का नाम क्या है?

ans: थिम्पू

Q.14.नेपाल की राजधानी

ans:काठमांडू

Q.15. म्यांमार की राजधानी का नाम क्या है?

ans:नेय पईताव

Q.16. ईरान देश की राजधानी का नाम बताओ।

ans: तेहरान

Q.17. इंडोनेशिया की राजधानी

ans: जकार्ता

Q.18.मालदीव की राजधानी

ans: माले

Q.19.मोरक्को की राजधानी

ans: रबात

Q.20. सेनेगल की राजधानी का नाम क्या है

ans:डकार

Q.21.स्फीति से सम्बद्ध गतिरोध ऐसी स्थिति है जिसका अभिलक्षण है

ans: मुद्रास्फीति और बेरोजगारी बढ़ना

Q.22.आवयकताओं की मांग कैसी होती है ?

ans:अलोचनीय

Q.23. किसी देश का भुगतान शेष साम्यावस्था में कब होता है ?

ans:जब घरेलु मुद्रा उसकी आपूर्ति के बराबर होती है।

Q.24.मूल्यवर्धित का अर्थ किसके मूल्य से है ?

ans:माल और सेवाओं घटा मध्यवर्ती माल और सेवाओं की लागत

Q.25. जी. एन. पी. और एन. एन. पी. के बीच अंतर किसके बराबर है ?

ans: व्यक्तिगत कर

Q.26. भारतीय रेलवे नेटवर्क पर लगभग कितने रेलवे स्टेशन हैं ?

ans:8000

Q.27.किस शहर में मार्च 2013 में देश का सबसे पहला महिला डाकघर स्थापित किया गया है ?

ans:नई दिल्ली

Q.28.इसरो द्वारा हाल ही में विकसित सबसे तेज भारतीय सुपरकंप्यूटर निम्नलिखित में से कौन सा है ?

ans: सागा 220

Q.29.कौन सी भारत में सबसे पुरानी चट्टान है ?

ans: शिवालिक

Q.30.स्थानीय सरकारें आधार हैं

ans:लोकतंत्र का

Q.31.भारतीय संविधान का अंतिम व्याख्याता है

ans:सर्वोच्च न्यायालय

Q.32.एक कानून महिलाओं के हित के पक्ष में है

ans:शरीर व्यापार (निवारण) अधिनियम

Q.33.एक भारत सघ का सहराज्य था और बाद में पूरा राज्य बन गया

ans:सिक्किम

Q.34.भारत के राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाया जा सकता है

ans:संसद द्वारा

Q.35.कैबिनेट मिशन का नेता निम्न में से कौन था ?

answer सर पेथिक लॉरेंस

36.किस लड़ाई में नादिर शाह ने मुग़ल सम्राट मुहम्मद शाह को पराजित किया था ?

ans:करनाल

Q.37.महाभाष्य लिखा था

ans: पतंजलि ने

Q.38.रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा लिखित गीत 'जन गण मन ' सर्वप्रथम जनवरी 1912 में किस नाम से प्रकाशित हुआ था।

ans:भारत विधाता

Q.39.शेरशाह की मृत्यु कहाँ लड़ते हुए हुई थी ?

ans:कालिंजर में

Q.40.दिन और रात बनते हैं

ans:घूर्णन की गति के कारण

Q.41. चेन्नई को दक्षिण -पश्चिम मानसून के अन्य स्थानो की अपेक्षा कम वर्षा मिलती है क्योंकि

ans:मानसून कोरोमंडल तट के सामानांतर चलते हैं।

Q.42.भारत की जलवायु है

answer मानसूनी

Q.43.लैटेराइट मिटटी कहाँ पाई जाती है?

ans: आर्द्र तथा शुष्क जलवायु वाले उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में

Q.44. प्रकाश संश्लेषण होता है

ans:पादपों के हरे भाग में

Q.45.कोल इंडिया हॉकी लीग 2016 के डॉयरेक्टर का नाम क्या है ?

ans:जोर्न इसबर्ग (स्वीडन)

Q.46.01 जनवरी 2016 को भारत सरकार ने श्याम बेनेगल कमिटी का गठन क्यों किया ?

ans:सेंसर बोर्ड में सुधारों के सुझाव के लिए।

Q.47.पठानकोट हमला 2016 के बचाव मिशन / ऑपरेशन का इंडियन आर्मी ने क्या नाम दिया?

ans:'धंगु सुरक्षा अथवा ऑपरेशन धंगु

Q.48.मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है

answer 10 दिसम्बर को

49. अजंता की गुफाएं किस के शासन के समय बनी थीं ?

ans:गुप्ता

Q.50.भारतीय पुरातत्व विभाग की स्थापना किसने की?

ans:लॉर्ड कर्जन

मैनेजमेंट लेसन

���� *मैनेजमेंट लेसन:*

एक दिन एक कुत्ता �� जंगल में रास्ता खो गया..

तभी उसने देखा, एक शेर �� उसकी तरफ आ रहा है..

कुत्ते की सांस रूक गयी..
"आज तो काम तमाम मेरा..!"

He thought, & applied A lesson of
MBA..

फिर उसने सामने कुछ सूखी हड्डियाँ ☠ पड़ी देखी..

वो आते हुए शेर की तरफ पीठ कर के बैठ गया..

और एक सूखी हड्डी को चूसने लगा,
और जोर जोर से बोलने लगा..

"वाह ! शेर को खाने का मज़ा ही कुछ और है..
एक और मिल जाए तो पूरी दावत हो जायेगी !"

और उसने जोर से डकार मारी..
इस बार शेर सोच में पड़ गया..

उसने सोचा-
"ये कुत्ता तो शेर का शिकार करता है ! जान बचा कर भागने मे ही भलाइ है !"

और शेर वहां से जान बचा के भाग गया..

पेड़ पर बैठा एक बन्दर �� यह सब तमाशा देख रहा था..

उसने सोचा यह अच्छा मौका है,
शेर को सारी कहानी बता देता हूँ ..

शेर से दोस्ती भी हो जायेगी,
और उससे ज़िन्दगी भर के लिए जान का खतरा भी दूर हो जायेगा..

वो फटाफट शेर के पीछे भागा..

कुत्ते ने बन्दर को जाते हुए देख लिया और समझ गया की कोई लोचा है..

उधर बन्दर ने शेर को सारी कहानी बता दी, की कैसे कुत्ते ने उसे बेवकूफ बनाया है..

शेर जोर से दहाडा -
"चल मेरे साथ, अभी उसकी लीला ख़तम करता हूँ"..

और बन्दर को अपनी पीठ पर बैठा कर शेर कुत्ते की तरफ चल दिया..

Can you imagine the quick "management" by the DOG...???

कुत्ते ने शेर को आते देखा तो एक बार फिर उसके आगे जान का संकट आ गया,

मगर फिर हिम्मत कर कुत्ता उसकी तरफ पीठ करके बैठ गया l

He applied Another lesson of MBA ..

और जोर जोर से बोलने लगा..

"इस बन्दर को भेजे 1 घंटा हो गया..
साला एक शेर को फंसा कर नहीं ला सकता !"

यह सुनते ही शेर ने बंदर को वही पटका और वापस पिछे भाग गया ।

*शिक्षा 1:- मुश्किल समय में अपना आत्मविश्वास कभी नहीं खोएं*

*शिक्षा 2:- हार्ड वर्क के बजाय स्मार्ट वर्क ही करें क्योंकि यहीं जीवन की असली सफलता मिलेगी*

*शिक्षा 3 :- आपका ऊर्जा, समय और ध्यान भटकाने वाले कई बन्दर आपके आस पास    हैं, उन्हें पहचानिए और उनसे सावधान रहिये*

�� *व्यस्त रहिये, स्वस्थ रहिये

स्वतंत्रता

बच्चों को स्वतंत्रता दो

बच्चों से प्रेम करो, उन्हें स्वतंत्रता दो। उन्हें भूलें करने दो, भूलों को समझने में उनका सहयोग करो। उन्हे बताओ - गलती करना गलत नहीं है। जितना हो सके, गलतियां करो क्योंकि इसी तरह तुम सीख पाओगे, लेकिन वही गलती बार - बार मत दोहराओ क्योंकि यह मूर्खता है। तुम्हें बच्चों के साथ निरंतर इस कार्य को करना पड़ेगा, उन्हें छोटी - छोटी चीजों में स्वतंत्रता देनी होगी। सिद्धांत यह होना चाहिए कि बच्चों को उनके शरीर पर ध्यान देने की शिक्षा दो। उनकी आवश्यकताओं पर ध्यान देने की शिक्षा देनी चाहिए।

अभिभावकों के लिए मूल बात बच्चों को उसी गड्ढे में गिरने से रोकना है। उनके अनुशासन का कार्य नकारात्मक है। "नकारात्मक" शब्द को स्मरण रखना। कोई विधायक सोच नहीं बल्कि एक नकारात्मक सुरक्षा क्योंकि बच्चे तो बच्चे ही हैं और वे ऐसा कुछ भी कर सकते हैं जिससे उन्हें हानि हो, तकलीफ हो।

इसलिए अभिभावक का कार्य बहुत नाजुक है और बहुत कीमती भी क्योंकि बच्चे का सारा जीवन इसी पर निर्भर है। उसे कोई भी निर्धारित सोच मत दो - उसे हर प्रकार से सहयोग जैसे भी वह चाहता है।

एक माता - पिता का कार्य बहुत महान है क्योंकि वे एक ऐसे अतिथि को संसार में ला रहे हैं जो अभी अंजान है लेकिन उसमें संभावना है और जब तक उसकी संभावना विकसित न हो वह आनंदित नहीं हो सकता।

इसलिए उसकी स्वतंत्रता में हर प्रकार से सहयोग करो। अवसर दो। सामान्यतः कोई बच्चा यदि मां से कुछ पूछता है तो बिना सुने ही कि वह क्या कह रहा है - मां कह देती है - नहीं। "नहीं" शब्द में एक अधिकार है। "हां" में नहीं। इसलिए न तो पिता, न मां और न ही और कोई "हां" कहना चाहता है - किसी सामान्य बात के लिए भी नहीं।

बच्चा घर से बाहर जाकर खेलना चाहते है - "नहीं", बच्चा बाहर जाकर बारिश में भीगना चाहता है, नाचना चाहता है - "नहीं, तुम्हें जुकाम हो जाएगा।" जुकाम कोई केंसर नहीं है। लेकिन एक बच्चा जिसे बारिश में नाचने से रोक दिया गया, कभी भी नृत्य नहीं कर पाएगा। वह कुछ चूक गया है जो बहुत सुंदर था। इससे तो जुकाम ही ठीक था और यह कोई जरूरी भी नहीं कि उसे जुकाम हो ही जाएगा। सच तो यह है कि जितना अधिक तुम उसे सुरक्षा देते हो उतना ही वह नाजुक हो जाता है। जितना ज्यादा तुम उसे स्वीकार करते हो वह उतना ही समर्थ हो जाता है।

अभिभावक को "हां" कहना सीखना पड़ेगा। निन्यानवें प्रतिशत मामलों में जहां वे सामान्य तौर पर न कहते हैं - मात्र अपना अधिकार जताने के लिए ही होता है। हर कोई देश का राष्ट्रपति तो हो नहीं सकता, लाखों लोगों पर अधिकार नहीं कर सकता लेकिन हर कोई पति हो सकता है, पत्नी पर अधिकार कर सकता है। हर पत्नी एक मां हो सकती है, बच्चे पर अधिकार कर सकती है। हर बच्चे के पास खिलोना हो सकता है, वह उस पर अधिकार रख सकता है... जिसे वह इस कोने से उस कोने फेंके, उसकी पिटाई करे, जैसे वह अपनी मां या पिता की करना चाहता था और बेचारे खिलोने के नीचे कोई भी नहीं है।

ओशो
बियाॅन्ड साइकोलाजी, प्रवचन - 23 से संकलित

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