शुक्रवार, 18 मई 2018

स्वास्थ्यवर्धक दोहे

पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात!
सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!!

*धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!*
दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!!

*ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!*
कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!!

*प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!*
बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप!!

*ठंडा पानी पियो मत, करता क्रूर प्रहार!*
करे हाजमे का सदा, ये तो बंटाढार!!

*भोजन करें धरती पर, अल्थी पल्थी मार!*
चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार!!

*प्रातः काल फल रस लो, दुपहर लस्सी-छांस!*
सदा रात में दूध पी, सभी रोग का नाश!!

*प्रातः- दोपहर लीजिये, जब नियमित आहार!* तीस मिनट की नींद लो, रोग न आवें द्वार!!

*भोजन करके रात में, घूमें कदम हजार!*
डाक्टर, ओझा, वैद्य का , लुट जाए व्यापार !!

*घूट-घूट पानी पियो, रह तनाव से दूर!*
एसिडिटी, या मोटापा, होवें चकनाचूर!!

*अर्थराइज या हार्निया, अपेंडिक्स का त्रास!*
पानी पीजै बैठकर, कभी न आवें पास!!

*रक्तचाप बढने लगे, तब मत सोचो भाय!*
सौगंध राम की खाइ के, तुरत छोड दो चाय!!

*सुबह खाइये कुवंर-सा, दुपहर यथा नरेश!*
भोजन लीजै रात में, जैसे रंक सुजीत!!

*देर रात तक जागना, रोगों का जंजाल!*
अपच,आंख के रोग सँग, तन भी रहे निढाल^^

*दर्द, घाव, फोडा, चुभन, सूजन, चोट
पिराइ!*
बीस मिनट चुंबक धरौ, पिरवा जाइ हेराइ!!

*सत्तर रोगों कोे करे, चूना हमसे दूर!*
दूर करे ये बाझपन, सुस्ती अपच हुजूर!!

*भोजन करके जोहिए, केवल घंटा डेढ!*
पानी इसके बाद पी, ये औषधि का पेड!!

*अलसी, तिल, नारियल, घी सरसों का तेल!*
यही खाइए नहीं तो, हार्ट समझिए फेल!

*पहला स्थान सेंधा नमक, पहाड़ी नमक सु जान!*
श्वेत नमक है सागरी, ये है जहर समान!!

*अल्यूमिन के पात्र का, करता है जो उपयोग!*
आमंत्रित करता सदा, वह अडतालीस रोग!!

*फल या मीठा खाइके, तुरत न पीजै नीर!*
ये सब छोटी आंत में, बनते विषधर तीर!!

*चोकर खाने से सदा, बढती तन की शक्ति!*
गेहूँ मोटा पीसिए, दिल में बढे विरक्ति!!

*रोज मुलहठी चूसिए, कफ बाहर आ जाय!*
बने सुरीला कंठ भी, सबको लगत सुहाय!!

*भोजन करके खाइए, सौंफ, गुड, अजवान!*
पत्थर भी पच जायगा, जानै सकल जहान!!

*लौकी का रस पीजिए, चोकर युक्त पिसान!*
तुलसी, गुड, सेंधा नमक, हृदय रोग निदान!

*चैत्र माह में नीम की, पत्ती हर दिन खावे !*
ज्वर, डेंगू या मलेरिया, बारह मील भगावे !!

*सौ वर्षों तक वह जिए, लेते नाक से सांस!*
अल्पकाल जीवें, करें, मुंह से श्वासोच्छ्वास!!

*सितम, गर्म जल से कभी, करिये मत स्नान!*
घट जाता है आत्मबल, नैनन को नुकसान!!

*हृदय रोग से आपको, बचना है श्रीमान!*
सुरा, चाय या कोल्ड्रिंक, का मत करिए पान!!

*अगर नहावें गरम जल, तन-मन हो कमजोर!*
नयन ज्योति कमजोर हो, शक्ति घटे चहुंओर!!

*तुलसी का पत्ता करें, यदि हरदम उपयोग!*
मिट जाते हर उम्र में,तन में सारे रोग।

गुरुवार, 17 मई 2018

व्याकरण के नियम

हिंदी हमारी मातृभाषा है, इसके बावजूद इसको लिखते समय हम कई गल्तियां कर देते हैं. आइये आज कुछ सामान्य गल्तियो के बारे में जानते हैं ताकि हिंदी को हम सही-सही लिख सकें

1.तरल पदार्थ का बहुवचन नहीं होता

ध्यान रखें कि तरल पदार्थ का बहुवचन नहीं होता. पसीना का बहुवचन पसीने नहीं होगा. यहां इसको दो उदाहरण से समझ सकते हैं. ‘गर्मी में ज्यादा पसीने निकलते हैं’, वाक्य गलत है. सही वाक्य होगा, ‘गर्मी में ज्यादा पसीना निकलता है’. इसी तरह ‘मैंने दो ग्लास दूध पिए’ गलत होगा. सही वाक्य ‘मैंने दो ग्लास दूध पिया’ होगा.

2.’केवल’ या ‘ही’ का इस्तेमाल

हिंदी में हम ‘केवल’ और ‘ही’ के इस्तेमाल में अकसर गलतियां कर देते हैं. कुछ लोग एक ही वाक्य में ‘केवल’ और ‘ही’ दोनों लगा देते हैं. ऐसा करना गलत है. एक वाक्य में ‘केवल’ और ‘ही’ में से किसी एक का ही इस्तेमाल करें. अगर हम लिखते हैं कि केवल मैंने ही पर्चा भरा तो गलत है. इसको हम दो तरह से लिख सकते हैं. केवल मैंने पर्चा भरा या मैंने ही पर्चा भरा.

3.अनावश्यक शब्दों का इस्तेमाल

कुछ शब्दों का इस्तेमाल जरूरी नहीं होता है, फिर भी हम उसे लिख देते हैं. जैसे, मैं जनवरी के महीने में मुंबई जाऊंगा. यहां जनवरी कह देना ही काफी होगा, महीने लगाने की जरूरत नहीं है.

4.संधि का नियम

आइये आ जानते हैं हिंदी में संधि का नियम. 
अ या आ+अ या आ=आ और इसीलिए स्व+अधीन= स्वाधीन हो जाता है.
अ या आ+इ या ई=ए और इसीलिए महा+ईश महेश हो जाता है। इसी तरह गणेश, सुरेश, महेंद्र, सुरेंद्र आदि.
अ या आ+ए या ऐ=ऐ और इसीलिए मत+ऐक्य मतैक्य हो जाता है.
अ या आ +उ या ऊ=ओ और इसीलिए पर+उपकार परोपकार हो जाता है.
अ या आ +ओ या औ=औ और इसीलिए महा+औषधि महौषधि हो जाता है.
इसी तरह इ या ई के बाद कोई विजातीय (इ, ई के अलावा) स्वर आए तो इ या ई का य् हो जाता है. इसीलिए इति+आदि और अति+अधिक अत्यधिक हो जाता है.

5.कारक चिह्न का असर

हिंदी में जब भी जातिवाचक संज्ञा शब्द के बाद कारक चिह्न आता है, तो आकारांत वाले शब्द एकारांत हो जाते हैं. (पहले व्यक्तिवाचक संज्ञा में भी ऐसा होता था. जैसे वह कलकत्ते का रहनेवाला है।)
जैसे रास्ते पर एक आदमी गिरा पड़ा था न कि रास्ता पर एक आदमी गिरा पड़ा था. रास्ता का रास्ते हो गया, क्योंकि उसके बाद पर कारक चिह्न आया.
गधे ने लात मारी न कि गधा ने लात मारी. गधा का गधे हो गया क्योंकि उसके बाद ने कारक चिह्न आया.

6.करण प्रत्यय

सारे शब्द जिनमें आखिर में इ होता है, उसमें करण लगाते हैं तो ई हो जाता है, जैसे: शुद्धीकरण, सशक्तीकरण, प्रस्तुतीकरण.

7.विशेषण की गल्ती

हिंदी में अ वाले शब्दों को विशेषण बनाने पर आ हो जाता है, इ-ई वालों को ऐ हो जाता है और उ-ऊ वालों का औ हो जाता है.
इसी कारण मर्म से मार्मिक और अध्यात्म से आध्यात्मिक होता है. इतिहास से ऐतिहासिक और उद्योग से औद्योगिक होता है.

8.अनुस्वार का इस्तेमाल

अगर Infosys को इंफोसिस लिखेंगे तो इसका उच्चारण हो जाएगा इम्फोसिस, जो कि गलत है. इसे इन्फोसिस लिखना चाहिए यानी अनुस्वार नहीं लगाना चाहिए. नियम यह है – किसी अनुस्वार का उच्चारण इस बात पर निर्भर होता है, कि उसके अगले अक्षर के ग्रुप का पंचमाक्षर कौनसा है. यदि उच्चारण नियमानुसार हो रहा हो तो उसका इस्तेमाल करें वरना आधे अक्षर का इस्तेमाल करें.
नियम इस प्रकार है-
शब्द है संबंध. इसका उच्चारण सम्बन्ध है. आख़िर इसे सम्बम्ध या सन्बन्ध क्यों नहीं पढ़ा जाता?
हम जानते हैं कि इसमें सं का उच्चारण सम् है और बं का उच्चारण बन् है. यानी एक में म् और एक में न्. लेकिन क्यों?
क्योंकि स के बाद ब है. ब जिस वर्ग में है (पवर्ग) उसका अंतिम अक्षर म है – प, फ, ब, भ, म – इसलिए इसका उच्चारण हो रहा है म्.
ब के बाद ध है. ध जिस वर्ग में है (तवर्ग) उसका अंतिम वर्ण न है – त, थ, द, ध, न – इसलिए यहां अनुस्वार का उच्चारण हो रहा है न्.
इंफोसिस की तरह इंफर्मेशन भी गलत है. इसे इन्फर्मेशन लिखें.

9.हाइफन का इस्तेमाल

जब भी एक शब्द किसी वाक्य में दो या तीन बार लगातार आता है तो हाइफन का उपयोग किया जाता है.
उदाहरण:-
साथ-साथ, दो-दो हाथ. यहां हाइफन का इस्तेमाल यह भी बताता है, कि यह शब्द ग़लती से दो या तीन बार नहीं लिखा गया है.
कई बार मिलते-जुलते या फिर विपरीत शब्दों के साथ-साथ आने पर भी इनका इस्तेमाल होता है.
एक-दो-तीन, जहां दाल-रोटी-चावल आदि.
पति-पत्नी, चोर-पुलिस, आदि.

10.’या’ का लिंग पर असर

जब किसी वाक्य में दो संज्ञा ‘या’ से जुड़े तो उस स्थिति में लिंग का निर्धारण बाद वाली संज्ञा से होगा. जैसे अगर भाई या बहन आएगा लिखते हैं तो यह गलत है, क्योंकि यहां बाद वाली संज्ञा बहन है, जो स्त्रीलिंग है. इसलिए यहां सही वाक्य ‘भाई या बहन आएगी’ होगा.

Course for students

For XII Students

*Science Courses (3 Years)*

��Bsc Physics
��Bsc Chemistry,
��Bsc Botany,
�� Bsc Zoology,
��Bsc Computer science

�� Bsc Mathematics
��Bsc PCM,
��Bsc CBZ,
��Bsc Forestry,
�� Bsc Dietician & Nutritionist,
��Bsc Home Science,
��Bsc Agriculture Science
��Bsc Horticulture,
��Bsc Sericulture,
��Bsc Oceanography,
��Bsc Melsorology,
��Bsc Arthopology,
�� *Bsc Forensic Science*
��Bsc Food technology,
��Bsc Diary Technology,
��Bsc Hotel Management,
�� Bsc Fashion Design,
��Bsc, Mass Communication,
��Bsc Electronic Media,
��Bsc Multimedia,
��Bsc 3D Animation,
And Many More..........

*Commerce Courses*

☄CA Chatted Account
☄CMA Cost Management Account
☄CS Company Secretary (Foundation)
☄B.Com Regular,
☄B.Com Taxation &Tax Procedure
☄B.Com Travel & Tourism
☄B.Com Bank Management
☄B.Com Professional
☄BBA  /. BBM Regular
☄BFM Bachelor of Financial Management
☄BMS,
☄ BAF.
And Many..........

*Humanities Courses.......*

��Advertising,
��BS General
��Criminology
��Economics
��Fine Arts,
��Foreign languages,
��Home Science,
��Interior Design,
��Journalism,
��Library Science,
��Physical Education,
��Political Science
��Psychology,
��Social Work,
��Sociology,
❤ *Travel and Tourism*
And Many More.....

*Management Courses****

➡Business Management,
➡Bank Management,
➡Event Management,
➡Hospital Management,
➡Hotel Management,
➡Human Resources​ Managemet
➡Logistics Management,
And Many More..........

*Law Courses ***(3/5 Years)

��LLB,
��BA+LLB
��B.Com + LLB,
��BBM+LLB,
��BBA. +LLB

*MEDICAL COURSES*****

��MBBS
��BUMS Unani
��BHMS Homeopathy
��BAMS Ayurveda
��BSMS Sidha
��BNYS Naturopathy​
��BDS Dental
��BVSc Veterinary........Etc.....

*PARAMEDICAL COURSES*

��Nursing
��Pharm D
��B.Pharm
��D.Pharm
��M. Pharm
��Anesthesia technical
��Cardiac Care technical
��Perfusion technology
��Cathllab technology
��Clinical Optometry
��Dental Hygiene
��Dental Mechanic
��Dental Technician
��Health Inspector
��Medical imaging & Tech...
��Medical Lab technician
��Medical Records tech
��Medical X Ray Technician
��Nuclear Medicine Tech
��Occupational Therapist
��Operation theater Tech
��Ophthalmic Assistant
��PHYSIOTHERAPY
��Radiographic Assistant
��Radiotherapy Technician
��Rehabilitation Therapy
��Respiratory Therapy Tech.
��Blood Transfusion Tech..
��Bsc Renal Dialysis
And Many More.......

*B.Tech Engineering* (4year)

⚙Petro chemical Engineering
⚙Petroleum Engineering
⚙Civil Engineering
⚙Mechanical Engineering
⚙Aeronautical Engineering
⚙Aerospace Engineering
⚙Agricultural Engineering
⚙Architecture Engineering
⚙Automobile Engineering
⚙Automation & Robotics Eng.
⚙Avionics Engineering
⚙Biomedical Engineering
⚙Bio technological Eng..
⚙Chemical Engineering
⚙Ceramics Engineering
⚙Computer Science Engi..
⚙Electronics &Comm.Engi.
⚙Electrical & Electronics Engi.
⚙Environmental Science Engi.
⚙Information Science Engi
⚙Industrial Engineering
⚙Industrial Production Engi..
⚙Instrumental Technology
⚙Marine Engineering
⚙Medical Electronics Engi..
⚙Mining Engineering
⚙Manufacturing Science Engi.
⚙Naval Architecture Engi....
⚙Nanotechnology Engi..
⚙Polymer Technology Engi..
⚙Silk Polymar Engi...
⚙Carpet Technology Engi...
⚙Textile engineering
⚙Robotics
⚙Genetic

And Many More........

*POLYTECHNIC (10 th class)*
��Civil engineering
��Mechanical engineering
��Automobile engineering
��Computer science engi.....
��Electronics and communication Engineering
��Electrical engineering
��Petro chemical engineering
And Many More...........

*Management (new job opportunity Course​s 2/3/5Years Duration)*

��BBA /BBM
��BBA Aviation
��BBA Air Cargo Management
��BBA Aeronautical
��BBA Retail Marketing
��BBA Customer Care Management
��BBA Airline & Airport Management
��BBA Cargo Management
��BBA Office Management
��BBA Store Management
��BBA Mall Management
��BBA Logistics

��BCA SAP
��BCA Cloud Computing

������������‍��MBA Logistics
          Aviation
         HR
     ..  Management
And Many more.....

*Architecture*(5 years +2)
��B.Arch (NATAis Compulsory)
��M.Arch
And Many More Courses...

गुरुवार, 10 मई 2018

प्रेरक कहानी

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�� *जीत आपकी.....सोच आपकी*

��एक बार एक Science की Research प्रयोगशाला में एक experiment किया गया। एक बड़े शीशे के टैंक में बहुत सारी छोटी छोटी मछलियाँ छोड़ी गयीं और फिर ढक्कन बंद कर दिया। अब थोड़ी देर बाद एक बड़ी शार्क मछली को भी टैंक में छोड़ा गया लेकिन शार्क और छोटी मछलियों के बीच में एक काँच की दीवार बनायीं गयी ताकि वो एक दूसरे से दूर रहें।

�� शार्क मछली की एक खासियत होती है कि वो छोटी छोटी मछलियों को खा जाती है। अब जैसे ही शार्क को छोटी मछलियाँ दिखाई दीं वो झपट कर उनकी ओर बढ़ी।
�� जैसे ही शार्क मछलियों की ओर गयी वो कांच की दीवार से टकरा गयी और मछलियों तक नहीं पहुँच पायी। शार्क को कुछ समझ नहीं आया वो फिर से छोटी मछलियों की ओर दौड़ी लेकिन इस बार भी वो विफल रही। शार्क को बहुत गुस्सा आया अबकी बार वो पूरी ताकत से छोटी मछलियों पे झपटी लेकिन फिर से कांच की दीवार बाधा बन गयी।

�� कुछ घंटों तक यही क्रम चलता रहा, शार्क बार बार मछलियों पर हमला करती और हर बार विफल हो जाती।

�� कुछ देर बाद शार्क को लगा कि वह मछलियों को नहीं खा सकती, यही सोचकर शार्क ने हमला करना बंद कर दिया वो थक कर आराम से पानी में तैरने लगी। अब कुछ देर बाद Scientists ने उस कांच की दीवार को शार्क और मछलियों के बीच से हटा दिया उन्हें उम्मीद थी कि शार्क अब सारी मछलियों को खा जाएगी।

�� लेकिन ये क्या, शार्क ने हमला नहीं किया ऐसा लगा जैसे उसने मान लिया हो कि अब वो छोटी मछलियों को नहीं खा पायेगी। काफी देर गुजरने के बाद भी शार्क खुले टैंक में भी मछलियों पर हमला नहीं कर रही थी।

�� इसे कहते हैं – सोच। कहीं आप भी शार्क तो नहीं? हाँ! हममें से काफी लोग उस शार्क की तरह ही हैं जो किसी कांच जैसी दीवार की वजह से ये मान बैठे हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते। और हममें से काफी लोग तो ऐसे जरूर होंगे जो शार्क की तरह कोशिश करना भी छोड़ चुके होंगे।

�� लेकिन सोचिये जब टैंक से दिवार हटा दी गयी फिर भी शार्क ने हमला नहीं किया क्यूंकि वो हार मान चुकी थी, कहीं आपने भी तो हार नहीं मान ली? कोई परेशानी या अवरोध हमेशा नहीं रहता , क्या पता आपकी काँच की दीवार भी हट चुकी हो लेकिन आप अपनी सोच की वजह से प्रयास ही नहीं कर रहे।

�� आप भी कहीं ना कहीं ये मान बैठे हैं कि मैं नहीं कर सकता। पर मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि एक दिन आपकी दीवार भी जरूर हटेगी या हट चुकी होगी। जरुरत है तो सिर्फ आपके पुनः प्रयास की। तो सोचिये मत, प्रयास करते रहिये आप जरूर कामयाब होंगे.

इंस्पायर अवार्ड जानकारी

इंस्पायर अवार्ड्स – मानक (राष्ट्रीय आकांक्षा और ज्ञान को बढ़ाते लाखों मस्तिष्क), वर्ष 2018-19 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून 2018 है।

कक्षा 6 से लेकर 10 तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल आइडिया प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों के दो से तीन अच्छे विचारों/नवप्रवर्तनों का ऑनलाइन नामांकन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग-भारत सरकार, के वेबपोर्टल www.inspireawards-dst.gov.in पर कर सकते हैं । नए स्कूल भी विद्यालय वेब पोर्टल E-MIAS पर स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए लॉगऑन करें
www.inspireawards-dst.gov.in
www.nif.org.in/inspire-awards

शनिवार, 17 मार्च 2018

जिलों की जानकारी

क्र.  राज्यों के नाम             जिले
1.   राजस्थान                   33 जिले
2.   महाराष्ट्र.                    36 जिले
3.   नागालैंड                    11 जिले
4.   मणिपुर।                    16 जिले
5.   जम्मू कश्मीर              22 जिले
6.   पश्चमी बंगाल              23 जिले
7.   तेलंगाना                    31 जिले
8.   आसाम                     33 जिले
9.    त्रिपुरा                      08 जिले
10.  मध्यप्रदेश                51 जिले
11.  तमिलनाडु               32 जिले
12.  गुजरात।                  33 जिले
13.  सिक्किम                 04 जिले
14.  आंध्रप्रदेश                13 जिले
15.  उत्तरप्रदेश                75 जिले
16.  पंजाब                     22 जिले
17.  कर्नाटक                  30 जिले
18.  मेघालय                   11 जिले
19.  उत्तराखंड                13 जिले
20.  गोवा                       02 जिले
21.  हरियाणा                 22 जिले
22.  मिजोरम                  08 जिले
23.  अरुणाचल प्रदेश      22 जिले
24.  हिमाचल प्रदेश         12 जिले
25.  केरल                      14 जिले
26.  छत्तीसगढ़                27 जिले
27.  बिहार                      38 जिले
28.  झारखण्ड                24 जिले
29.  उड़ीसा                    30 जिले
               टोटल जिले     724 जिले
��केंद्र शासित 7 जिले हैं।
1.   अंडेमान निकोबार      03 जिले
2.   चंडीगढ़                     01 जिला
3.   दादर नगर हवेली        01 जिला
4.   दमन द्वीप                  02 जिले
5.   लक्षद्वीप                    01 जिला
6.   दिल्ली                       11 जिले
7.   पांडिचेरी                    04 जिले
                        टोटल       23 जिले
इस प्रकार भारत में कुल।  747 जिले हैं
��भारत का सबसे बड़ा राज्य ?
     जनसंख्या से     उत्तरप्रदेश
     क्षेत्रफल से        राजस्थान
��भारत का सबसे छोटा राज्य ?
      जनसंख्या से     सिक्किम
      क्षेत्रफल से        गोवा
��भारत का सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश ?
      जनसंख्या से     दिल्ली
      क्षेत्रफल से        अंडेमान निकोबार
��भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश ?
      जनसंख्या से      लक्षद्वीप
      क्षेत्रफल से         लक्षद्वीप
��भारत का सबसे बड़ा जिला कौनसा ?
      जनसंख्या से      ठाणे (महाराष्ट्र)
      क्षेत्रफल से         कच्छ (गुजरात)
��भारत का सबसे छोटा जिला कौनसा ?
       जनसंख्या से      दिबनग घाटी (अरुणाचल प्रदेश)
       क्षेत्रफल से        माहे (पांडिचेरी)

शुक्रवार, 2 मार्च 2018

save data

नेट कम खर्च होने के कुछ सरल उपाय-:
मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग के साथ साथ मोबाइल डाटा पैक की बढती कीमतों ने सबका
खर्च बढ़ा दिया है| हालाँकि हम मोबाइल पैक की कीमतों को तो नहीँ बदल सकते लेकिन यदि
इन बातों का ध्यान रखें तो मोबाइल पर इन्टरनेट का खर्च कम हो जायेगा
और आपका मोबाइल डाटा पैक ज्यादा समय तक चलेगा।
फोन के कई एप्लीकेशन आपके फोन के प्रयोग न होने की स्थिति में भी ईमेल, फ़ोटो और अन्य डाटा डाउनलोड करते रहते है। हालाँकि इससे आपको अपने ईमेल और व्हाट्सअप फ़ोटो इत्यादि देखने के लिए इंतजार कम करना पड़ता है
लेकिन मोबाइल का डाटा जल्दी खर्च होगा|
मोबाइल डाटा की बचत के लिए निम्न सेटिंग में जाकर
"Auto-sync data" बंद करें व "Restrict backgroud
data" चालू कर दें और आवश्यकताअनुसार किसी एप
को खोलकर उपयोग करने के दौरान ही डाटा अपडेट करें।
>> Settings > Data usage > Top-right Menu
मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान विज्ञापन के फोटो और
वीडियो मोबाइल इन्टरनेट के डाटा को बहुत खर्च करते
है। किसी गेम खेलने से पहले मोबाइल डाटा को बंद
करना न भूलें, इससे आपको गेम के दौरान आने वाले विज्ञापनों से
छुटकारा मिलेगा और आपका मोबाइल डाटा बचेगा सो अलग।
>> Settings > Data usage > Mobile data
बहुत से एप मोबाइल के नोटिफिकेशन बार निरंतर इंटरनेट से डाउनलोड
किये गए विज्ञापन, अन्य प्रमोशन सामग्रीऔर
गैरजरूरी सन्देश दिखाते रहते है, इससे आपके न
चाहते हुए भी डाटा खर्च हो जाता है।
आप उन एप के नोटिफिकेशन "एप सेटिंग" में जाकर बंद कर दें जिनसे
आपको नोटिफिकेशन प्राप्त करने में कोई रूचि नहीँ है।
>> Settings > Apps> (एप) > Show nitification
Auto Download सेटिंग के चालू होने पर व्हाट्सअप पर आने
वाले सारे फ़ोटो और विडियो अपने आप पुरे डाउनलोड हो जाते है, जिससे
मोबाइल इन्टरनेट का डाटा अनावश्यक रूप से खर्च हो जाता है|
व्हाट्सअप की निम्न सेटिंग में जाकर Auto
Download को बंद ही रखें और व्हाट्सएप पर
जरुरत होने पर ही फोटो और विडियो डाउनलोड करें|
>> Whatsapp > Top-right Menu > Settings > Chat
settings > Media auto-download
बड़े डाउनलोड, डाटा सिंक, अपडेट इत्यादि के लिए जितना हो सके वाई
फाई का प्रयोग करें इससे आपके मोबाइल डाटा के महंगे पैक
की बचत होगी।
आपके घर के ब्राडबैंड इंटरनेट कनेक्शन को वाई.फाई. के रूप में
प्रयोग करना चाहते है यहाँ उपलब्ध किसी
भी वाई फाई राऊटर की मदद से
आसानी से ऐसा कर सकते है, आप 1000 रूपये से
भी कम कीमत में अच्छा WiFi राऊटर
खरीद कर घर के किसी भी
मोबाइल और लैपटॉप को इस इन्टरनेट से जोड़ सकते है|
यदि आपका मोबाइल पर इन्टरनेट प्रयोग ज्यादा है तो आप घर पर
ब्राडबैंड कनेक्शन भी लगवा सकते है जिसका वाई फाई
के रूप में प्रयोग आप बहुत सारे मोबाइल लैपटॉप इत्यादि में एक साथ
कर सकते है। ब्रॉडबैंड इंटरनेट की कीमतें
मोबाइल इंटरनेट से कई गुना कम होती है।
क्या अपने ध्यान दिया है कि फेसबुक एप में किसी
वीडियो पर जाते ही वह अपने आप
डाउनलोड होकर चलना शुरू हो जाता है। इन अनचाहे
वीडियो के डाउनलोड होने से आपका डाटा खर्च
अनावश्यक रूप से बढ़ जाता है।
आप फेसबुक एप की निम्न सेटिंग में जाकर इसे बंद कर
सकते है।
>> फेसबुक एप >Top-Right Setting Menu > App
Settings > Video Auto-play
क्रोम (Chrome) ब्राउज़र में एक सेटिंग को चालू करने के बाद यह
ब्राउज़र आपके मोबाइल इन्टरनेट के डाटा को कंप्रेस करके आदान
प्रदान करता है, जिससे आपके ब्राउज़र का इंटरनेट डाटा प्रयोग 50%
तक कम हो जाता है।
Chrome Browser में इस सेटिंग को निम्न प्रकार से चालू करें:
>> Chrome Browser खोलें > Top-right Menu >
settings > Reduce data usage
इसके आलावा आप ओपेरा मिनी (Opera Mini) ब्राउज़र
का भी प्रयोग कर सकते है जिसमें भी
आपके इंटरनेट प्रयोग के दौरान कम डाटा खर्च होता है।
आप चाहे जीमेल का प्रयोग करते है या
किसी अन्य ईमेल एप का, सभी
की सेटिंग में Email attachment को auto
download करने या न करने का विकल्प होता ही है।
इसे आप निष्क्रिय ही कर के रखें और ईमेल अटैचमेंट
को आवश्यकता होने पर ही स्वयं डाउनलोड करें इससे
आपका मोबाइल डाटा व्यर्थ नहीं जायेगा।
वीडियो और मोबाइल टीवी के
प्रयोग में सबसे ज्यादा मोबाइल इंटरनेट खर्च होता है आप इसे कम
से कम प्रयोग करें और यूट्यूब पर वीडियो देखते समय
HD का प्रयोग न करें क्यों की HD विडीवो
का साइज़ सामान्य प्रकार के वीडियो कहीं
ज्यादा होता है।
मोबाइल फोन पर इंटरनेट का प्रयोग न करने पर इसे मोबाइल डाटा सेटिंग
में जाकर बंद कर दें, इससे आपके मोबाइल डाटा के साथ
बैटरी भी ज्यादा चलेगी।
यदि हम कहीं आने जाने के दौरान गूगल मैप का प्रयोग
करते है तो काफी मोबाइल डाटा खर्च होता है लेकिन यदि
आप निम्न प्रकार से गूगल मैप को ऑफलाइन यानि बिना इंटरनेट के
प्रयोग करें तो बहुत मोबाइल डाटा खर्च बचा सकते हो।
इसके लिए "गूगल मेप" में निम्न सेटिंग में जाकर "मेप एरिया" चुने और
उसे ऑफलाइन प्रयोग के लिए सेव कर दें|
>> गूगल मेप > top-left मेनू > Your places > Offline
maps > SAVE A NEW OFFLINE MAP
गूगल प्ले स्टोर से हम एप डाउनलोड करते है। उन एप के नए
संस्करण जारी होने की स्थिति में गूगल प्ले
हमें वह एप फिर से डाउनलोड करने के लिए कहता है।
बहुत से एप के लिए हमें नया वर्जन डाउनलोड करने
की आवश्यकता भी नहीं
होती है क्योंकि उस एप के वर्तमान वर्जन से हमारा
काम चल रहा होता है और बाकि एप हम अपनी
सुविधानुसार Wi Fi नेटवर्क में डाउनलोड करना चाहेंगे|
इसके लिए गूगल प्ले की निम्न सेटिंग को "Auto
Update over WiFi" ही रखें।
>> गूगल प्ले > top-left setting menu > settings >
Auto-update apps
गीत संगीत और विडियो देख कर मनोरंजन
करने के लिए मोबाइल पर कई एप है जो आपके मोबाइल इन्टरनेट से
गाने और विडियो को लाइव स्ट्रीम करते है, लेकिन इनमे
आपका इन्टरनेट डाटा काफी खर्च हो जाता है|
बेहतर है की आप अपने पसंदीदा गाने
और विडियो पहले से ही डाउनलोड करके रखें या
मेमोरी कार्ड से भरवा लें, इससे आपके मोबाइल इन्टरनेट
के महंगे खर्चे की बचत हो जाएगी|
इन सब के अतिरिक्त कुछ एप भी उपलब्ध है जो
आपके मोबाइल इन्टरनेट डाटा पर नजर रखते है और आपको उसके
खर्च की पूरी रिपोर्ट देते है, इसके अलावा
ये आपके डाटा को कॉम्प्रेस करके खर्च को कम करने में
भी मदद करते है|

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