*जीवन की वर्णमाला*
*अ* से अदब करो.
*आ* से आत्मविश्वास रखो.
*इ* से इबादत करो.
*ई* से ईमानदार बनो.
*उ* से उत्साह रखो.
*ऊ* से ऊर्जावान बनो.
*ए* से एकता रखो.
*ऐ* से ऐश्वर्यवान बनो.
*ओ* से ओजस्वी बनो.
*औ* से औरों की सेवा करो.
*अं* से अंग-प्रदर्शन मत करो.
*क* से कर्म करो.
*ख* से खरे बनो.
*ग* से गरिमा रखो.
*घ* से घमण्ड मत करो.
*च* से चरित्रवान बनो.
*छ* से छलो मत.
*ज* से जलो मत.
*झ* से झगडो मत.
*ट* से टकराओ मत.
*ठ* से ठगो मत.
*ड* से डरो मत.
*ढ* से ढलना सीखो.
*त* से तरक्की करो.
*थ* से थको मत.
*द* से दया करो.
*ध* से धर्म करो.
*न* से नरम बनो.
*प* से परिश्रम करो.
*फ* से फर्ज निभाओ.
*ब* से बलवान बनो.
*भ* से भलाई करो.
*म* से महान बनो.
*य* से यकीन करो.
*र* से रहम करो.
*ल* से लछ्य पाओ.
*व* से वचन निभाओ.
*स* से समय के पाबंद बनो.
*श* से शक मत करो.
*ष* से षडयंत्र मत रचो.
*ह* से हँसमुख बनो.
*छ* से छमा करो.
*त्र* से त्राहि मत मचाओ.
*ग्य* से ग्यानी बनो.
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चंदा के गाॅव मे बादलो की छाॅव मे रौकेट मे बैठ कर हम सैर करने जाएगे हम सैर करके आएगे बाया पैर बाहर निकालो धीरे धीरे इसे घुमाओ और घुमाओ ,खुद ...
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शाला प्रवेशोत्सव स्लोगन 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 १. कोई न छूटे इस बार, शिक्षा है सबकाअधिकार' ‘ 🎀 २. 'हिन्दु-मुस्लिम, सि...
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ऑनलाइन हिन्दी साहित्यिक पत्रिकाएं (Online Hindi Literature Magazines) Aha Zindagi अहा जिंदगी, मासिक अर्गला मासिक पत्रिका (Argalaa Maga...
रविवार, 3 जुलाई 2016
जीवन की वर्णमाला
सुविचार
please read
1. जिदंगी मे कभी भी किसी को
बेकार मत समझना क्योक़ि
बंद पडी घडी भी दिन में
दो बार सही समय बताती है
2. किसी की बुराई तलाश करने
वाले इंसान की मिसाल उस
मक्खी की तरह है जो सारे
खूबसूरत जिस्म को छोडकर
केवल जख्म पर ही बैठती है
3. टूट जाता है गरीबी मे
वो रिश्ता जो खास होता है
हजारो यार बनते है
जब पैसा पास होता है
4. मुस्करा कर देखो तो
सारा जहाॅ रंगीन है
वर्ना भीगी पलको
से तो आईना भी
धुधंला नजर आता है
5..जल्द मिलने वाली चीजे
ज्यादा दिन तक नही चलती
और जो चीजे ज्यादा
दिन तक चलती है
वो जल्दी नही मिलती
6. बुरे दिनो का एक
अच्छा फायदा
अच्छे-अच्छे दोस्त
परखे जाते है
7. बीमारी खरगोश की तरह
आती है और कछुए की तरह
जाती है
जबकि पैसा कछुए की तरह
आता है और.खरगोश की
तरह जाता है
8. छोटी छोटी बातो मे
आनंद खोजना चाहिए
क्योकि बङी बङी तो
जीवन मे कुछ ही होती है
9. ईश्वर से कुछ मांगने पर
न मिले तो उससे नाराज
ना होना क्योकि ईश्वर
वह नही देता जो आपको
अच्छा लगता है बल्कि
वह देता है जो आपके लिए
अच्छा होता है
10. लगातार हो रही
असफलताओ से निराश
नही होना चाहिए क्योक़ि
कभी-कभी गुच्छे की आखिरी
चाबी भी ताला खोल देती है
11. ये सोच है हम इसांनो की
कि एक अकेला
क्या कर सकता है
पर देख जरा उस सूरज को
वो अकेला ही तो चमकता है
12. रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो
उन्हे तोङना मत क्योकि
पानी चाहे कितना भी गंदा हो
अगर प्यास नही बुझा सकता
वो आग तो बुझा सकता है
13. अब वफा की उम्मीद भी
किस से करे भला
मिटटी के बने लोग
कागजो मे बिक जाते है
14. इंसान की तरह बोलना
न आये तो जानवर की तरह
मौन रहना अच्छा है
15. जब हम बोलना
नही जानते थे तो
हमारे बोले बिना'माँ'
हमारी बातो को समझ जाती थी
और आज हम हर बात पर
कहते है छोङो भी 'माँ'
आप नही समझोगी
16. शुक्र गुजार हूँ
उन तमाम लोगो का
जिन्होने बुरे वक्त मे
मेरा साथ छोङ दिया
क्योकि उन्हे भरोसा था
कि मै मुसीबतो से
अकेले ही निपट सकता हूँ
17. शर्म की अमीरी से
इज्जत की गरीबी अच्छी है
18. जिदंगी मे उतार चङाव
का आना बहुत जरुरी है
क्योकि ECG मे सीधी लाईन
का मतलब मौत ही होता है
19. रिश्ते आजकल रोटी
की तरह हो गए है
जरा सी आंच तेज क्या हुई
जल भुनकर खाक हो जाते
20. जिदंगी मे अच्छे लोगो की
तलाश मत करो
खुद अच्छे बन जाओ
आपसे मिलकर शायद
किसी की तालाश पूरी हो
सुनहरे शब्द
परेड में अबाउट टर्न बोलते ही...
पहला आदमी आखरी और....
आखरी आदमी पहले नंबर पे....
आ जाता है।
जीवन में कभी आगे होने का घमंड....
और आखिरी होने का गम न करे,
पता नहीं कब जिंदगी....
अबाउट टर्न बोल देवे।
मुस्कान और मदद ये दो हैं
जिन्हें जितना अधिक आप दूसरों पर छिड़केंगे,
उतने ही सुगन्धित आप स्वंय होंगे..!!
जो लोग आप से जलते हैं,
उन लोगों से नफ़रत कभी मत करना; क्योंकि
यही तो वो लोग हैं,
जो यह समझते हैं कि
आप
उनसे बेहतर हैं।
*अगर भूल से कभी आपको*
*गर्व हो जाये की मेरे बिना तो*
*यहाँ काम चल ही नहीं सकता..*
*तब आप अपने घर की दीवारो पर*
*टंगीअपने पूर्वजो की तस्वीरो की*
*तरफ देख लेना तथा सोचना की क्या*
*उनके जाने से कोई काम रुका है...?*
*जवाब आपको स्वतः ही मिल जायेगा*
*चौरासी लाख योनियो में,*
*एक इंसान ही पैसा कमाता है ।*
*अन्य कोई जीव कभी भूखा नहीं मरा,*
*और इंसान जिसका कभी पेट नहीं भरा !!*
✨☄✨☄✨☄✨☄
✍"आनंद" एक आभास है,
जिसे हर कोई ढूंढ रहा
है।
"दु:ख" एक अनुभव है,
जो आज हर एक के पास
है।
फिर भी जिंदगी में वही
कामयाब है,
जिसका खुद पर विश्वास
है।
✨☄✨☄✨☄✨☄
शनिवार, 2 जुलाई 2016
शाला प्रवेश उत्सव स्लोगन
शाला प्रवेशोत्सव स्लोगन
१.
कोई न छूटे इस बार,
शिक्षा है सबकाअधिकार' ‘
२.
'हिन्दु-मुस्लिम, सिख-इसाई . मिलकर के सब करें पढ़ाई’ ‘
३.
आधी रोटी खायेंगे,
स्कूल जरूर जायेंगे’ ‘
४.
अब ना करो अज्ञानता की भूल,
हर बच्चे को भेजो स्कूल’ ‘
५.
एक भी बच्चा छूटा,
संकल्प हमारा टूटा' '
६.
घर-घर विद्या दीप जलाओ, अपने बच्चे सभी पढ़ाओ',
७.
पढ़ी लिखी नारी,
घर-घर की उजियारी' '
८.
पढेंगे पढ़ायेंगे,
उन्नत देश बनाएंगे' ‘
९.
अनपढ़ होना है अभिशाप,
अब न रहेंगे अंगूठा छाप' ‘
१०.
शिक्षा से देश सजाएंगे,
हर बच्चे को पढ़ाएंगे’ '
११.
21वीं सदी की यहीं पुकार, शिक्षा है सबका अधिकार’
१२.
‘हर घर में चिराग जलेगा,
हर बच्चा स्कूल चलेगा’
१३.
लड़का-लड़की एक समान, यही संकल्प, यही अभियान’
१४.
‘मम्मी पापा हमें पढ़ाओ,
स्कूल में चलकर नाम लिखाओ’
१५.
‘हर घर में एक दीप जलेगा, हर बच्चा स्कूल चलेगा’
१६.
'हम भी स्कूल जाएंगे,
पापा का मान बढ़ाएंगे’
१७.
'दीप से दीप जलाएंगे,
साक्षर देश बनाएंगे'
१८.
'मिड डे मील हम खाएंगे, स्कूल में पढ़ने जाएंगे'
१९.
'शिक्षा ऐसी सीढ़ी है,
जिससे चलती पीढ़ी हैँ'
२०.
सर्व शिक्षा का है कहना,
पढ़ने जायें भाई बहना'
२१.
'सर्व शिक्षा का अभियान,
सबको मिले प्राथमिक ज्ञान''
२२.
पापा सुनलो विनय हमारी,
पढ़ने की है उम्र हमारी''
२३.
बच्चे मांगे प्यार दो,
शिक्षा का अधिकार दो'
२४.
'हम बच्चों का नारा है,
शिक्षा - अधिकार हमारा है'
_______________________
बुधवार, 29 जून 2016
छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियाँ
✔ *छत्तीसगढ़ी लोकोक्तियाँ* *(हाना)
किसी भी प्रदेश की लोकोक्तियां उस प्रदेश के लोक जीवन को समझने में सहायता करती है। वहां के लोग क्या सोचते हैं, किस चीज को महत्व देते हैं, किसे नकारते हैं, ये सब वहां के ""हाना'' प्रकट करती हैं। छत्तीसगढ़ में हाना प्रचलित हैं -
✅ 1.. *खेती रहिके परदेस मां खाय, तेखर जनम अकारथ जाय*
इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति खेती रहने पर भी पैसों के लिए, परदेश जाता है उसका जन्म ही बेकार या निरर्थक है
✅ 2. *तीन पईत खेती, दू पईत गाय*
इसका अर्थ है कि रोजाना खेत की तीन बार सेवा करनी चाहिए और गाय की दो बार सेवा होनी चाहिये। खेत और गाय जो हमारा सहारा है, उसे हमें सेवा करनी चाहिये
✅ 3. *अपन हाथ मां नागर धरे, वो हर जग मां खेती करे।*
जो व्यक्ति खुद हल चलाता है, वही व्यक्ति अच्छा खेती कर सकता है।
✅ 4. *जैसन बोही, तैसन लूही*
इस हाना में वही सत्य को दोहराया गया है जिसे गीता में महत्व दिया गया है - कर्म के अनुसार फल मिलता है
✅ 5. *तेल फूल में लइका बढे, पानी से बाढे धान*
*खान पान में सगा कुटुम्ब, कर वैना बढे किसान*
इस हाना में बड़े सुन्दर तुलनात्मक रुप में जिन्दगी के हर पहलु को दिखाया गया है। बच्चा बढ़ेगा जब तेल फूल हो। इसी तरह पानी से धान और खाने पीने से कुटम्बी बढ़ते है। उसी तरह किसान तभी बड़ता है जब वे कर्मठ हो।
✅ 6. *गेहूं मां बोय राई, जात मां करे सगाई।*
गेहूं के साथ बोना चाहिये सरसों और उसी तरह विवाह अपनी जाति में करना चाहिये।
✅ 7. *बोड़ी के बइल, घरजिया दमाद*
*मरै चाहे बाचै, जोते से काम।*
जिस तरह मंगनी के बैल की स्थिति अच्छी नहीं होती है। ठीक उसी तरह घरजवाई की स्थिति अच्छी नहीं होती।
✅ 8. *डार के चूके बेंदरा अऊ, असाढ़ के चूके किसान*
सही समय में कार्य करने के लिए कहा गया है इस हाना में नहीं तो वही हालत होगी जो एक बन्दर की होती है जो डाल को पकड़ नहीं पाया, या उस किसान की जिसने आषाढ़ में गलती की।
✅ 9. *एक धाव जब बरसे स्वाति, कुरमिन पहिरे सोने के पाती*
यह हाना नक्षत्र सम्बन्धी है। इसका अर्थ है कि अगर स्वाति नक्षत्र में एक बार बारिस हो जाये तो फसल अच्छी होती है।
✅ 1 0. *धान-पान अऊ खीरा, ये तीनों पानी के कीरा*
इस हाना के माध्यम से बच्चे भी जान जाते है कि धान पान और खीरे के लिए बहुत मात्रा में पानी ज़रुरी है।
✅ 11. *पानी पीए छान के, गुरु बनावै जान के*
पानी छानकर अगर नहीं पीया तो बीमारी होती है। उसी तरह किसी को अगर गुरु बनाओ तो पहले अच्छे से जान लो।
✅ 12. *जियत पिता मां दंगी दंगा, मरे पिता पहुंचावै गंगा*
इस हाना के माध्यम से बुजुर्गो के साथ कैसे बर्ताव किया जाता, उसे सामने लाया गया है। यह व्यंग के रुप में कहा गया है कि जब पिता जी थे, तब तो उनके साथ बुरी तरह पेश आते थे, उनपर चिल्लाते थे। अब जब वे नहीं रहे, उन्हें गंगा पहुँचाने के लिए व्यवस्था किया जा रहा है। अर्थात पितृभक्त होने का ढोंग या दिखावा किया जा रहा है।
✅ 13. *दहरा के मछरी अब्बर मोठ।*
इसका अर्थ है कि गहरे पानी की जो मछली हमें मिल नहीं पाती, वह बड़ी मोटी लगती है। अर्थात जो चीज़ हमें मिल नहीं पाती, वह हमेशा लोभनीय लगती है।
✅ 1 4. *महानदी के महिमा, सिनाथ के झोल।*
*अरपा के बारु अऊ खारुन के सोर।*
महानदी की महिमा, शिवनाथ नदी की चौड़ाई, अरपा नदी का रेत और खारुन नदी के पानी का बहुत से स्रोत प्रसिद्ध है।हर व्यक्ति अपनी कोई खास बात के लिए प्रसिद्ध होता है।
✅ 15. *रुहा बेंदरा बर पीपर अनमोल।*
जो बन्दर बहुत लोभी है, उसके लिए पीपल का फल ही बहुत अनमोल है।
✅ 16. *केरा कस पान हालत है।*
केले के पत्ते के साथ कमज़ोर व्यक्ति की तुलना की गई है। केले के पत्ती जैसै हिलता रहता है, कमजोर व्यक्ति का मन उसी प्रकार अस्थिर होता रहता है। स्थिर नहीं होता है।
✅ 17. *हपटे बने के पथरा, फोरे घर के सीला।*
जंगल में किसी पत्थर से ठोकर लगी और घर वापस आकर सिल को फोड़ रहा है। किसी का गुस्सा किसी और पर उतार रहा है।
✅ 18. *कब बबा मरही त कब बरा खाबो*
किसी के मृत्यु के पश्चात जब श्राद्ध होना है तो स्वादिष्ट भोजन बनती है। यहाँ इन्तज़ार किया जा रहा है कि कब बबा कि मृत्यु हो, और स्वादिष्ट भोजन खाने को मिले।
✅ 19. *छत्तीसगढ़ के खेड़ा, मथुरा का पेड़ा*
जिस तरह मथुरा के पेड़ा प्रसिद्ध है उसी तरह छत्तीसगढ़ के खेड़ा। खेड़ा एक प्रकार की सब्ज़ी है। हर जगह किसी न किसी कारन के लिए प्रसिद्ध है
✅ 20. *आप रुप भोजन पर रुप सिंगार।*
भोजन करे तो अपनी पसन्द के मुताफिक। पर श्रृंगार करे तो दूसरों की रुची के अनुसार
✅ 21. *जेखर जइसे दाई ददा*
*तेखर तइसे लइका।*
*जेखर जैसे धर दुवार।*
*तेखर तइसे फरिका।*
बच्चें अपने माता पिता जैसे होते है। जैसे मा पिता, वैसे ही बच्चें। ठीक उसी तरह, जिस तरह धर का दरवाज़ा धर के संदर्भ में ही बनती है।
✅ 22. *पाप ह छान्ही मां चढ़के नाचथे।*
अपराध कभी छिपी नहीं रहती। पाप जो है, वह तो छत पर जाकर नाचता रहता है
✅ 23. *महतारी के परसे, अऊ मधा के बरसे।*
यह हाना माता के ममता के बारे में है। जिस तरह मधा नक्षत्र में जब बारिस होती है, तब पृथ्वी तृप्त होती है, उसी तरह माता जब खाना परोसती है, बच्चे तब तृप्त होते है।
✅ 24. *गुरु गोसइयां एके च आय।*
इस हाना का अर्थ है कि गुरु और ईश्वर एक ही हैं।
✅ 25. *चलनी मां गाय दूहै, करम ला दोसे दे।*
चलनी में दुध दुहना है और कहना है कि भाग्य खराब है। अर्थात कोई कार्य ठीक से नहीं करके भाग्य को दोष देना
✅ 26. *धरम करे मां जउन होय हानि*
*तभू न छाड़य धरम के बानी।*
धर्म के पथ पर चलने से अगर हानि हो तभी भी धर्म का साथ नहीं छोड़ना चाहिए
✅ 27. *कहाई ले कराई नींक*
कहने से करना अच्छा है।
✅ 28. *जेखर खाय तेखर गाय*
जिसका खाते है, उसी का गुण गाते है।
✅ 29. *परदेश जमाई राजा बराबेरा गांव जमाई आधा*
*घर जमाई गधा बरोबर जब मर्जी तब लादा।*
परदेश में जो दमाद रहता है, उसकी बहुत इज्ज़त होती है। एक ही गांव में जो दमाद रहता है। उसकी इज्ज़त आधी हो जाती है। और जो दमाद ससुराल में रहता है। उसे तो हमेशा काम करना पड़ता है जैसे गधे पर हमेशा समान लादा जाता है।
✅ 30. *खेत चरे गदहा मार खाय जोलहा।*
गधा किसी के खेत में घुसकर चरता रहता है और पिटाई होती है जुल्हे की। कोई और गलती करे और सज़ा किसी और को मिले।
✅ 31. *जेखर बेंदरा तेखर ले नाचे।*
जिसका बन्दर, उसी के मतानुसार काम करता है। अर्थात स्वामी के आदेशानुसार चलना।
✅ 3 2. *हाथी के पेट सोहारी मां नई भरय।*
जो व्यक्ति अधिक खाता है, उसका पेट कम खाने से नहीं भरता।
✅ 33. *हाथी ह कतकोन सुखाही तभी घोड़ा ले मोठ रइही।*
हाथी जिनता भी दुबला हो जाये, घोड़ा से फिर भी मोटा ही रहेगा। अर्थात पैसे वालों के पैसे कितना ही कम हो जाये, फिर भी दूसरों से वह संपन्न ही रहेगा।
✅ 3 4. *कोईली अऊ कौआ बोली ले, चिन हाथे।*
कोयल और कौआ, अपनी बोली से पहचान जाते है। अर्थात व्यक्ति अपने व्यवहार से पहचान जाते है।
✅ 35. *परोसी के बूती सांप नई मरै।*
परोसी के बलबूते पर सांप को नहीं मारा जा सकता। इसका अर्थ है कि कोई भी कठिन काम खुद करने से होता है।
शनिवार, 18 जून 2016
Cg जिला एवं विकास खंड
छत्तीसगढ़ के 27 जिलों के 146 विकासखण्ड
1 जिला) बीजापुर
1 बीजापुर
2 उसूर
3 भैरमगढ़
4 भोपालपटनम
2 जिला) सुकमा
5 सुकमा
6 कोण्टा
7 छिंन्दगढ़
3 जिला) दंतेवाड़ा
8 गीदम
9 काटेकल्याण
10 कुआकोण्डा
11 दंतेवाड़ा
4 जिला) बस्तर
12 दरभा
13 बस्तर
14 तोकापाल
15 लोहाण्डीगुडा
16 बकावण्ड
17 बास्तानार
18 जगदलपुर
5 जिला) नारायणपुर
19 अबुझमाड़/ओरछा/
20 नारायणपुर
6 जिला) कोण्डागांव
21 बड़ेराजपुर
22 केशकाल
23 फरसगांव
24 कोण्डागांव
25 माकड़ी
7 जिला) कांकेर
26 कोयलीबेड़ा
27 अंतागढ़
28 नरहरपुर
29 भानुप्रतापपुर
30 दुर्गुकोंदल
31 चारामा
32 कांकेर
8 जिला) धमतरी
33 कुरूद
34 मगरलोड
35 नगरी
36 धमतरी
9 जिला) गरियाबंद
37 छुरा
38 देवभोग
39 गरियाबंद
40 फिंगेश्वर
41 मैनपुर
10 जिला) महासमुंद
42 बागबाहरा
43 पिथौरा
44 महासमंुद
45 सराईपाली
46 बसना
11 जिला) रायपुर
47 धरसींवा
48 अभनपुर
49 तिल्दा
50 आरंग
12 जिला) बलौदाबाजार
51 भाटापारा
52 बिलाइगढ़
53 कसडोल
54 सिमगा
55 पलारी
56 बलौदाबाजार
13 जिला) बालोद
57 बालोद
58 डौंडी
59 डौन्डीलोहारा
60 गुण्डरदेही
61 गुरूर
14 जिला) दुर्ग
62 धमधा
63 दुर्ग
64 पाटन
15 जिला) बेमेतरा
65 बेमेतरा
66 बेरला
67 नवागढ़
68 साजा
16 जिला) राजनांदगांव
69 चैकी
70 छुईखदान
71 छुरिया
72 डोंगरगांव
73 डोंगरगढ़
74 खैरागढ़
75 मानपुर
76 मोहला
77 राजनांदगांव
17 जिला) कवर्धा
78 बालोद
79 कवर्धा
80 लोहारा
81 पण्डरिया
18 जिला) मुंगेली
82 लोरमी
83 मुंगेली
84 पथरिया
19 जिला) बिलासपुर
85 बिल्हा
86 गौरेला
87 कोटा
88 मारवाही
89 मस्तुरी
90 पेण्ड्रा
91 तखतपुर
20 जिला) कोरबा
92 करतला
93 कटघोरा
94 कोरबा
95 पाली
96 पोड़ी उपरोड़ा
21 जिला) जांजगीर
97 अकलतरा
98 बालोद
99 बम्हनीडीह
100 डभरा
101 जैजैपुर
102 मालखरौदा
103 नवागढ़
104 पामगढ़
105 शक्ति
22 जिला) रायगढ़
106 बरमकेला
107 धरमजयगढ़
108 घरघोड़ा
109 खरसिया
110 लैलुंगा
111 पुसौर
112 रायगढ़
113 सारंगढ़
114 तमनार
23 जिला) जशपुर
115 बगीचा
116 डुलडुला
117 फरसाबहार
118 जशपुर
119 कांशाबेल
120 कुनकुरी
121 मनोरा
122 पत्थलगांव
24 जिला) सरगुजा
123 अंबिकापुर
124 बतोली
125 सीतापुर
126 मैनपाट
127 लुण्ड्रा
128 लखनपुर
129 उदयपुर
25 जिला) बलरामपुर
130 राजपुर
131 रामचन्द्रपुर
132 बलरामपुर
133 वाड्राफनगर
134 संकरगढ़
135 कुसमी
26 जिला) सुरजपूर
136 सुरजपुर
137 भैयाथान
138 ओडगी
139 प्रतापपुर
140 रामानुजनगर
141 प्रेमनगर
27 जिला) कोरिया
142 बैकुण्ठपुर
143 सोनहत
144 खड़गवा
145 मनेन्द्रगढ़
146 भरतपुर
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