बुधवार, 7 जून 2017

English learning

Spelling Checking se hmesha questions hote hai KVS , NVS, DSSSB me ...
1-Colour- रंग, Colours- सेना का झंड़ा
2-Custom- रिवाज, Customs- कर
3-Effect- प्रभाव, Effects- समान
4-Manner- तरीका, Manners- व्यवहार
5-Moral- नैतिकता, Morals- सिंद्धान्त
6-Number- संख्या, Numbers- कविता की मात्राये
7-Pain- दर्द, Pains- कोशिश
8-Premise- प्रतिज्ञा, Premises- अहाता
9-Quarter- चौथाई भाग, Quarters- मकान
10-Spectacle- तमाशा, Spectacles- चश्मा
11-Letter- पत्र, Letters- साहित्य,वर्णाक्षर
12-Ground- जमीन, Grounds- कारण
13-Air- हवा , Airs- दिखावटी आचरण
14-Good -अच्छा, Goods -समान
15-Compass -सीमा ,Compasses- ज्यामिती यंत्र
16-Respect -सम्मान, Respects-मान्यता
17-Physic -दवा, Physics- भौतिक विज्ञान
18-Iron- लोहा, Irons -जंजीर
19-Force- ताकत, Forces- सेनाये
20-Abuse -गाली, Abuses- कुरीतिया
21-Advice- सलाह, Advices -सूचनायें
22-Alphabet -वर्णमाला, Alphabets- भाषाये
23-Amend -सुधार करना, Amends -हर्जाना
24-Arm- हाथ, Arms- हथियार
25-Brain- दिमाग, Brains- बौद्धिक
26-Proceeding- कार्यवाही, Proceedings- सभा
27-Return- लौटना, Returns- लाभ
28-Sand- बालू ,Sands -रेगिस्तान
29-Water -जल , Waters -समुद्र
30-Wage- वेतन ,Wages- मजदूरी
31-Damage- नुकसान, Damages- हर्जाना
32-Wood -लकड़ी, Woods -जंगल

शिक्षा के लिए दस अनुप्रयोग
समय प्रबंधन कौशल का विकास करना एक यात्रा है
जो इस गाइड के साथ शुरू हो सकती है, लेकिन इसके साथ अभ्यास और अन्य मार्गदर्शन की भी आवश्यकता है.

हमारा लक्ष्य यह है कि आपको अवगत कराएं कि दोस्तों, काम, परिवार, आदि की प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों के संदर्भ में समय के संसाधन के आयोजन, प्राथमिकीकरण, और अपनी पढ़ाई में सफलता कैसे लाये.

पहली: समय प्रबंधन में हमारे अभ्यास का प्रयास करो
आप प्रतिदिन अपना समय कैसे बिताते हो?

समय के उपयोग पर रणनीतियाँ:
यह सिद्ध है कि समय प्रबंधन के यह अनुप्रयोग अध्यन की अच्छी आदतें बन जाते हैं.
जैसे जैसे आप हर रणनीति पढ़ते हो, वैसे वैसे अपने विचार लिखो कि वे आपके लिए कैसे लागू होंगें.

पढ़ाई के समय के और विश्राम के खंड (ब्लॉक)
जैसे आपका स्कूल शुरू होता है और आपका पाठ्यक्रम कार्यक्रम निर्धारित होता है, विकास और योजना के लिए, एक ठेठ (typical) सप्ताह में पढ़ाई के समय के खंड बनाओ. खंड आदर्श रूप से ५० मिनट के आसपास के होते हो, लेकिन हो सकता है आप सिर्फ ३० मिनट के बाद बेचैन हो जाते हो? कुछ कठिन विषय सामग्री में अधिक
विश्राम की आवश्यकता हो सकती है. यदि ऐसा हो तो अपने अध्ययन खंड को और छोटा कर दो, लेकिन हाथ में लिए काम पर लौटना मत भूलो. अपने विश्राम के दौरान आप जो कुछ भी करो वो आपको जलपान करने का, आराम करने का या फिर तरोताजा होने का या पुनःउर्जावान होने का एक अवसर दे . उदाहरण के लिए, जब आप सबसे अधिक उत्पादक हो तब समय के खंड रखो: आप सुबह के व्यक्ति हो या रात के उल्लू?
वह समय लिख लो जब आप सबसे अच्छा पढ़ सकते हो. यह समय कितना लंबा है? आप के लिए एक अच्छा विश्राम कैसा होता है? क्या आप गतिविधि नियंत्रित कर सकते हो और अपनी पढ़ाई पर लौट सकते हो?

समर्पित अध्ययन स्थल
एक जगह ढूंढो जो विकर्षण (कोई सेल फोन या मेसजिंग आदि) से मुक्त हो जहाँ आप अपनी एकाग्रता को बढ़ा सकते हो और उन विकर्षण से भी मुक्त हो जो दोस्त या आपके शौक ला सकते हैं! आपके पास एक ऐसी जगह भी होनी चाहिए जहाँ आप बचने के लिए जा सकते हो, जैसे पुस्तकालय, विभागीय अध्ययन केंद्र, यहाँ तक कि एक कॉफी की दुकान भी जहाँ आप किसी को नहीं जानते हों. जगह का एक परिवर्तन भी अतिरिक्त संसाधनों को ला सकता है.
आपके विचार में सबसे अच्छा अध्ययन स्थान कौनसा है? दूसरा स्थान क्या है?

साप्ताहिक समीक्षा
साप्ताहिक समीक्षा और समय और दूसरी परिस्थितिओं के साथ बदलना भी एक महत्वपूर्ण रणनीति है. हर सप्ताह, जैसे एक रविवार की रात अपने काम, अपने नोट्स, और अपने कैलेंडर की समीक्षा करो. ध्यान में रखो कि जैसे जैसे समय सीमा और परीक्षा पास आए आपकी साप्ताहिक दिनचर्या उनके अनुकूल हो जानी चाहिए!
सप्ताह में सबसे अच्छा समय कौनसा है जब आप समीक्षा कर सकते हो?

अपने स्कूल के कार्यों को प्राथमिकता दें
जब अध्ययन करो, सबसे कठिन विषय या कार्य के साथ शुरुआत की आदत डालो. जब आप अपने चरम पर हों तब आप में उन कामों को करने में ज्यादा उर्जा और ताजगी होगी. अध्ययन के अधिक कठिन पाठ्यक्रमों के लिए और ज्यादा लचीला बनने की कोशिश करो: उदाहरण के लिए, "प्रतिक्रिया समय" बनाये जब आप स्कूल के कामों को जमा करने से पहले दूसरों से प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते हो.
किस विषय ने आपको हमेशा परेशान किया है?

“प्रथम चरण” प्राप्त करो – कुछ पूरा करे!
सबसे बड़ी यात्रा एक अकेले कदम से शुरू होती है, इस चीनी कहावत के कुछ मतलब है: पहला, आप इस परियोजना को शुरू करो! दूसरा, प्रारंभ करके, आप महसूस कर सकते हो कि वहाँ कुछ चीजें है जिनके बारे में आपने सोचा नहीं हैं. कभी कभी जब तक आप काम शुरू नहीं करते हैं तब तक काम के विवरण स्पष्ट नहीं होते. एक और कहावत है कि "श्रेष्ठता अच्छे का दुश्मन है”, खासकर जब यह आपको शुरू करने से रोकता है यह देखते हुए कि आपने समीक्षा बना ली हे, मोटे तौर पर अपने विचार बना लो और शुरू हो जाओ! आपके पास बदलने और बाद में विकसित करने का समय होगा.
स्कूल के काम की शुरुआत के लिए आप पहला क्या कदम ले सकते हो?

जब तक कि काम न हो जाये अनावश्यक गतिविधियों को टाल दो!
जब तक कि आपके स्कूल का काम समाप्त न हो जाए, उन कार्यों या दिनचर्याओं को टाल दो, जिन्हें टाला जा सकता है.
यह समय प्रबंधन की सबसे कठिन चुनौती हो सकती है. शिक्षार्थियों के रूप में हमें हमेशा ऐसे अवसर मिलते है जो आकर्षित दिखते है पर जिनके कारण परीक्षा, पेपर या फिर किसी काम की तैयारी में खराब परिणाम आते है. जब परीक्षा, काम आदि का दबाव कम हो जाये तब ध्यान भंग करने वाली गतिविधियां ज्यादा आनंददायी होंगी. आत्म-गौरव से सोचो. नहीं कहने के बजाय "बाद में” कहना सीखो.
वो एक विकर्षण क्या है जो आपको पढ़ने से रोकता है?

सोमवार, 5 जून 2017

विश्व पर्यावरण दिवस

���� *विश्व पर्यवारण दिवस* ����

��प्रकृति का न करे हरण, आओ बचाये पर्यावरण।��

��पर्यावरण का रखे ध्यान, तभी बनेगा देश महान।��

☘पर्यावरण के लिए पेड़ लगाओ, देश बचाओ, दुनिया बचाओ��।

����पर्यावरण की हो सुरक्षा, जिससे बढ़कर नहीं तपस्या।

��पर्यावरण की करो रक्षा, बच्चो को पहले ये शिक्षा।

स्कुल-स्कुल ये पाठ पढाये, पर्यावरण की रक्षा कराये।����

पर्यावरण बचे, तो प्राण बचे। बच्चो को दो यही शिक्षा, पर्यावरण की करो सुरक्षा ।

��ना कर तू मेरा-तुम्हारा, पर्यावरण हे हमारा।

भारत को समृद्ध बनायेंगे, वसुंधरा को बचायेंगे।

हर औद्योगिक प्रतिष्ठान, प्रदुषण की और दे ध्यान।

वन संरक्षण की और, तन – मन – धन से लगाओ जोर।।

शुक्रवार, 2 जून 2017

दिल्ली सरकार की जानकारी

*दिल्ली सल्तनत की एक संक्षिप्त कहानी$����*

*��दिल्ली सल्तनत तोमरवंश से नरेन्द्र मोदी तक*

*��तोमरवंश*
1=736 अनंगपाल तोमर और उनके वंश
2=1049 अनंगपाल दूसरा
3=1097 सूरजपाल तोमर 1135 में तोमर वंश समाप्त्
(शासन काल-400 वर्ष लगभग )

*��चौहाण वंश*
1=1153 विग्रहराज पाँचवे
2=1170 सोमेश्वर चौहाण
3=1177 पृथ्वीराज चौहाण
1193 चौहान वंश समाप्त्
(शासन काल-40 वर्ष लगभग )

*��गुलाम वंश*
1=1193 मुहम्मद  गौरी
2=1206 कुतुबुद्दीन ऐबक
3=1210 आराम शाह
4=1211 इल्तुतमिश
5=1236 रुकनुद्दीन फिरोज शाह
6=1236 रज़िया सुल्तान
7=1240 मुईज़ुद्दीन बहराम शाह
8=1242 अल्लाउदीन मसूद शाह
9=1246 नासिरुद्दीन महमूद 
10=1266 गियासुदीन बल्बन
11=1286 कै खुशरो
12=1287 मुइज़ुदिन कैकुबाद
13=1290 शमुद्दीन कैमुर्स
1290 गुलाम वंश समाप्त्
(शासन काल-97 वर्ष लगभग )

*��खिलजी वंश*
1=1290 जलालुदद्दीन फ़िरोज़ खिलजी
2=1296
अल्लाउदीन खिलजी
4=1316 सहाबुद्दीन उमर शाह
5=1316 कुतुबुद्दीन मुबारक शाह
6=1320 नासिरुदीन खुसरो  शाह
7=1320 खिलजी वंश स्माप्त
(शासन काल-30 वर्ष लगभग )

*��तुगलक  वंश*
1=1320 गयासुद्दीन तुगलक  प्रथम
2=1325 मुहम्मद बिन तुगलक दूसरा  
3=1351 फ़िरोज़ शाह तुगलक
4=1388 गयासुद्दीन तुगलक  दूसरा
5=1389 अबु बकर शाह
6=1389 मुहम्मद  तुगलक  तीसरा
7=1394 सिकंदर शाह पहला
8=1394 नासिरुदीन शाह दुसरा
9=1395 नसरत शाह
10=1399 नासिरुदीन महमद शाह दूसरा दुबारा सता पर
11=1413 दोलतशाह
1414 तुगलक  वंश समाप्त
(शासन काल-94वर्ष लगभग )

*��सैय्यद  वंश*
1=1414 खिज्र खान
2=1421 मुइज़ुदिन मुबारक शाह दूसरा
3=1434 मुहमद शाह चौथा
4=1445 अल्लाउदीन आलम शाह
1451 सईद वंश समाप्त
(शासन काल-37वर्ष लगभग )

*��लोदी वंश*
1=1451 बहलोल लोदी
2=1489 सिकंदर लोदी दूसरा
3=1517 इब्राहिम लोदी
1526 लोदी वंश समाप्त
(शासन काल-75 वर्ष लगभग )

*��मुगल वंश*
1=1526 ज़ाहिरुदीन बाबर
2=1530 हुमायूं
1539 मुगल वंश मध्यांतर

*��सूरी वंश*
1=1539 शेर शाह सूरी
2=1545 इस्लाम शाह सूरी
3=1552 महमूद  शाह सूरी
4=1553 इब्राहिम सूरी
5=1554 फिरहुज़् शाह सूरी
6=1554 मुबारक खान सूरी
7=1555 सिकंदर सूरी
सूरी वंश समाप्त,(शासन काल-16 वर्ष लगभग )

*मोगल वंश पुनःप्रारंभ*
1=1555 हुमायू दुबारा गाद्दी पर
2=1556 जलालुदीन अकबर
3=1605 जहांगीर सलीम
4=1628 शाहजहाँ
5=1659 औरंगज़ेब
6=1707 शाह आलम पहला
7=1712 जहादर शाह
8=1713 फारूखशियर
9=1719 रईफुदु राजत
10=1719 रईफुद दौला
11=1719 नेकुशीयार
12=1719 महमूद शाह
13=1748 अहमद शाह
14=1754 आलमगीर
15=1759 शाह आलम
16=1806 अकबर शाह
17=1837 बहादुर शाह जफर
1857 मोगल वंश समाप्त
(शासन काल-315 वर्ष लगभग )

*��ब्रिटिश राज (वाइसरॉय)*
1=1858 लोर्ड केनिंग
2=1862 लोर्ड जेम्स ब्रूस एल्गिन
3=1864 लोर्ड जहॉन लोरेन्श
4=1869 लोर्ड रिचार्ड मेयो
5=1872 लोर्ड नोर्थबुक
6=1876 लोर्ड एडवर्ड लुटेन
7=1880 लोर्ड ज्योर्ज रिपन
8=1884 लोर्ड डफरिन
9=1888 लोर्ड हन्नी लैंसडोन
10=1894 लोर्ड विक्टर ब्रूस एल्गिन
11=1899 लोर्ड ज्योर्ज कर्झन
12=1905 लोर्ड गिल्बर्ट मिन्टो
13=1910 लोर्ड चार्ल्स हार्डिंज
14=1916 लोर्ड फ्रेडरिक सेल्मसफोर्ड
15=1921 लोर्ड रुक्स आईजेक रिडींग
16=1926 लोर्ड एडवर्ड इरविन
17=1931 लोर्ड फ्रिमेन वेलिंग्दन
18=1936 लोर्ड एलेक्जंद लिन्लिथगो
19=1943 लोर्ड आर्किबाल्ड वेवेल
20=1947 लोर्ड माउन्टबेटन
ब्रिटिस राज समाप्त

*����आजाद भारत,प्राइम मिनिस्टर����*
1=1947 जवाहरलाल नेहरू
2=1964 गुलजारीलाल नंदा
3=1964 लालबहादुर शास्त्री
4=1966 गुलजारीलाल नंदा
5=1966 इन्दिरा गांधी
6=1977 मोरारजी देसाई
7=1979 चरणसिंह
8=1980 इन्दिरा गांधी
9=1984 राजीव गांधी
10=1989 विश्वनाथ प्रतापसिंह
11=1990 चंद्रशेखर
12=1991 पी.वी.नरसिंह राव
13=अटल बिहारी वाजपेयी
14=1996 ऐच.डी.देवगौड़ा
15=1997 आई.के.गुजराल
16=1998 अटल बिहारी वाजपेयी
17=2004 डॉ.मनमोहनसिंह
*18=2014 नरेन्द्र मोदी*

रविवार, 28 मई 2017

हिन्दी लेखन की विधि

हिन्दी लिखने वाले अक़्सर 'ई' और 'यी' में, 'ए' और 'ये' में और 'एँ' और 'यें' में जाने-अनजाने गड़बड़ करते हैं...।
कहाँ क्या इस्तेमाल होगा, इसका ठीक-ठीक ज्ञान होना चाहिए...।
जिन शब्दों के अन्त में 'ई' आता है वे संज्ञाएँ होती हैं क्रियाएँ नहीं... जैसे: मिठाई, मलाई, सिंचाई, ढिठाई, बुनाई, सिलाई, कढ़ाई, निराई, गुणाई, लुगाई, लगाई-बुझाई...।
इसलिए 'तुमने मुझे पिक्चर दिखाई' में 'दिखाई' ग़लत है... इसकी जगह 'दिखायी' का प्रयोग किया जाना चाहिए...। इसी तरह कई लोग 'नयी' को 'नई' लिखते हैं...। 'नई' ग़लत है , सही शब्द 'नयी' है... मूल शब्द 'नया' है , उससे 'नयी' बनेगा...।
क्या तुमने क्वेश्चन-पेपर से आंसरशीट मिलायी...?
( 'मिलाई' ग़लत है...।)
आज उसने मेरी मम्मी से मिलने की इच्छा जतायी...।
( 'जताई' ग़लत है...।)
उसने बर्थडे-गिफ़्ट के रूप में नयी साड़ी पायी...। ('पाई' ग़लत है...।)
अब आइए 'ए' और 'ये' के प्रयोग पर...।
बच्चों ने प्रतियोगिता के दौरान सुन्दर चित्र बनाये...। ( 'बनाए' नहीं...। )
लोगों ने नेताओं के सामने अपने-अपने दुखड़े गाये...। ( 'गाए' नहीं...। )
दीवाली के दिन लखनऊ में लोगों ने अपने-अपने घर सजाये...। ( 'सजाए' नहीं...। )
तो फिर प्रश्न उठता है कि 'ए' का प्रयोग कहाँ होगा..? 'ए' वहाँ आएगा जहाँ अनुरोध या रिक्वेस्ट की बात होगी...।
अब आप काम देखिए, मैं चलता हूँ...। ( 'देखिये' नहीं...। )
आप लोग अपनी-अपनी ज़िम्मेदारी के विषय में सोचिए...। ( 'सोचिये' नहीं...। )
नवेद! ऐसा विचार मन में न लाइए...। ( 'लाइये' ग़लत है...। )
अब आख़िर (अन्त) में 'यें' और 'एँ' की बात... यहाँ भी अनुरोध का नियम ही लागू होगा... रिक्वेस्ट की जाएगी तो 'एँ' लगेगा , 'यें' नहीं...।
आप लोग कृपया यहाँ आएँ...। ( 'आयें' नहीं...। )
जी बताएँ , मैं आपके लिए क्या करूँ ? ( 'बतायें' नहीं...। )
मम्मी , आप डैडी को समझाएँ...। ( 'समझायें' नहीं...। )
अन्त में सही-ग़लत का एक लिटमस टेस्ट... एकदम आसान सा... जहाँ आपने 'एँ' या 'ए' लगाया है , वहाँ 'या' लगाकर देखें...। क्या कोई शब्द बनता है ? यदि नहीं , तो आप ग़लत लिख रहे हैं...।

महत्‍वपूर्ण दिवस

राष्ट्रिय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिवस
1. लुईस ब्रेल दिवस – 4 जनवरी
2. विश्व हास्य दिवस – 10 जनवरी
3. राष्ट्रिय युवा दिवस – 12 जनवरी
4. थल सेना दिवस – 15 जनवरी
5. कुष्ठ निवारण दिवस – 30 जनवरी
6. भारत पर्यटन दिवस – 25 जनवरी
7. गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी
8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस  - 26 जनवरी
9. सर्वोदय दिवस – 30 जनवरी
10. शहीद दिवस – 30 जनवरी
11. विश्व कैंसर दिवस – 4 जनवरी
12. गुलाब दिवस – 12 फरवरी
13. वेलेंटाइन दिवस – 14 फरवरी
14. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस – 21 फरवरी
15. केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस – 24 फरवरी
16. राष्ट्रिय विज्ञानं दिवस – 28 फरवरी
17. राष्ट्रिय सुरक्षा दिवस – 4 मार्च
18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस – 8 मार्च
19. के०औ०सु० बल की स्थापना दिवस – 12 मार्च
20. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस – 15 मार्च
21. आयुध निर्माण दिवस – 18 मार्च
22. विश्व वानिकी दिवस – 21 मार्च
23. विश्व जल दिवस – 22 मार्च
24. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहीद दिवस – 23 दिवस
25. विश्व मौसम विज्ञानं दिवस – 23 मार्च
26. राममनोहर लोहिया जयंती – 23 मार्च
27. विश्व टी०बी० दिवस – 24 मार्च
28. ग्रामीण डाक जीवन बिमा दिवस – 24 मार्च
29. गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान दिवस – 25 मार्च
30. बांग्लादेश का राष्ट्रिय दिवस– 26 मार्च
31. विश्व थियेटर दिवस – 27 मार्च
32. विश्व स्वास्थ दिवस – 7 अप्रैल
33. अम्बेदकर जयंती – 14 अप्रैल
34. विश्व वैमानिकी दिवस – 14 अप्रैल
35. विश्व हीमोफीलिया दिवस – 17 अप्रैल

36. विश्व विरासत दिवस – 18 अप्रैल
37. पृथ्वी दिवस – 22 अप्रैल
38. विश्व पुस्तक दिवस – 23 अप्रैल
39. विश्व श्रमिक दिवस – 1 मई
40. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस – 3 मई
41. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस – 8 मई
42. विश्व रेडक्रॉस दिवस – 8 मई
43. अंतर्राष्ट्रीय थैलीसिमिया दिवस – 8 मई
44. राष्ट्रिय प्रौधोगिकी दिवस – 11 मई
45. विश्व संग्रहालय दिवस – 18 मई
46. विश्व नर्स दिवस – 12 मई
47. विश्व परिवार दिवस – 15 मई
48. विश्व दूरसंचार दिवस – 17 मई
49. आतंकवाद विरोधी दिवस – 21 मई
50. जैविक विविधिता दिवस – 22 मई
51. माउन्ट एवरेस्ट दिवस – 29 मई
52. विश्व तम्बाकू रोधी दिवस – 31 मई
53. विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून
54. विश्व रक्तदान दिवस – 14 जून
55. अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति स्थापना दिवस – 6 जून
56. विश्व शरणार्थी दिवस – 20 जून
57. राष्ट्रिय सांख्यिकी दिवस – 29 जून
58. पी०सी० महालनोबिस का जन्म दिवस – 29 जून
60. भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना दिवस – 1 जुलाई
61. चिकित्सक दिवस – 1 जुलाई
62. डॉ० विधानचंद्र राय का जन्म दिवस – 1 जुलाई
63. विश्व जनसंख्या दिवस – 11 जुलाई
64. कारगिल स्मृति दिवस – 26 जुलाई
65. विश्व स्तनपान दिवस – 1 अगस्त
66. विश्व युवा दिवस – 12 अगस्त
67. स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त
68. राष्ट्रिय खेल दिवस – 29 अगस्त
69. ध्यानचन्द्र का जन्म दिवस – 29 अगस्त
70. शिक्षक दिवस – 5 सितम्बर
71. अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस – 8 सितम्बर
72. हिंदी दिवस – 14 सितम्बर
73. विश्व-बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस – 14 सितम्बर
74. अभियंता दिवस – 15 सितम्बर
75. संचयिता दिवस – 15 सितम्बर
76. ओजोन परत रक्षण दिवस – 16 सितम्बर
77. RPF की स्थापना दिवस – 20 सितम्बर
78. विश्व शांति दिवस – 21 सितम्बर
79. विश्व पर्यटन दिवस – 27 सितम्बर
80. अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस – 1 अक्टूबर
81. लाल बहादुर शास्त्री जयंती – 2 अक्टूबर
82. अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस – 2 अक्टूबर
83. विश्व प्रकृति दिवस – 3 अक्टूबर
84. विश्व पशु-कल्याण दिवस – 4 अक्टूबर
85. विश्व शिक्षक दिवस – 5 अक्टूबर
86. विश्व वन्य प्राणी दिवस – 6 अक्टूबर
87. वायु सेना दिवस – 8 अक्टूबर
88. विश्व डाक दिवस – 9 अक्टूबर
89. विश्व दृष्टि दिवस – 10 अक्टूबर
90. जयप्रकाश जयंती – 11 अक्टूबर
91. विश्व मानक दिवस – 14 अक्टूबर
92. विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस – 16 अक्टूबर
93. विश्व खाद्य दिवस – 16 अक्टूबर
94. विश्व आयोडीन अल्पता दिवस – 21 अक्टूबर
95. संयुक्त राष्ट्र दिवस – 24 अक्टूबर
96. विश्व मितव्ययिता दिवस – 30 अक्टूबर
97. इंदिरा गाँधी की पुण्य तिथि – 31 अक्टूबर
98. विश्व सेवा दिवस – 9 नवम्बर
99. रा० विधिक साक्षरता दिवस – 9 नवम्बर
100. बाल दिवस – 14 नवम्बर
101. विश्व मधुमेह दिवस – 14 नवम्बर
102. विश्व विधार्थी दिवस – 17 नवम्बर
103. राष्ट्रिय पत्रकारिता दिवस – 17 नवम्बर
104. विश्व व्यस्क दिवस – 18 नवम्बर
105. विश्व नागरिक दिवस – 19 नवम्बर
106. सार्वभौमिक बाल दिवस – 20 नवम्बर
107. विश्व टेलीविजन दिवस – 21 नवम्बर
108. विश्व मांसाहार निषेध दिवस – 25 नवम्बर
109. विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस – 26 नवम्बर
110. राष्ट्रिय विधि दिवस – 26 नवम्बर
111. विश्व एड्स दिवस – 1 दिसम्बर
112. नौसेना दिवस – 4 दिसम्बर
113. रासायनिक दुर्घटना निवारण दिवस – 4 दिसम्बर
114. अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस – 5 दिसम्बर
115. नागरिक सुरक्षा दिवस – 6 दिसम्बर
116. झंडा दिवस – 7 दिसम्बर
117. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस – 7 दिसम्बर
118. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस – 10 दिसम्बर
119. विश्व बाल कोष दिवस – 11 दिसम्बर
120. विश्व अस्थमा दिवस – 11 दिसम्बर
121. राष्ट्रिय उर्जा संरक्षण दिवस – 14 दिसम्बर
122. गोवा मुक्ति दिवस – 19 दिसम्बर
123. किसान दिवस – 23 दिसम्बर
124. राष्ट्रिय उपभोक्ता दिवस – 24 दिसम्बर
125. CRPF का स्थापना दिवस – 28 दिसम्बर

Value of life

एक गुरुकुल में गुरु जीवन पर शिक्षा दे रहे तभी एक शिष्य ने अपने गुरु से प्रश्नन किया की आखिर हमारे जीवन का मूल्य (value of life) क्या है और इसे कैसे तय किया जाता है?

गुरु ने अपने शिष्य को एक चमकीला पत्थर दिया  और उससे कहा की जाओ और इस चमकीले पत्थर का  मूल्य पता करके आओ तुम्हे तुम्हारे सवाल का जवाब मिल जाएगा , लेकिन एक बात का ध्यान  रखना, इस पत्थर को बेचना नही है . शिष्य सबसे पहले बाजार मे गया और उसे एक फल वाला दिखा. वह उस चमकीले पत्थर को लेकर फल वाले के पास गया और बोला की इस पत्थर की कीमत क्या है?
फल वाला उस चमकीले पत्थर को देख कर बोला, “दो किलो फल ले जा और इस पत्थर को मुझे दे जा”

शिष्य ने आगे एक सब्जी वाले को पत्थर दिखाया और उससे इसकी कीमत पूछी. सब्जी वाले  ने उस चमकीले पत्थर को देखा और उससे कहा  की एक बोरी सब्जी ले जा और  इस चमकीले पत्थर को मेरे पास छोड़ जा.

आगे शिष्य एक सुनार के  पास गया और उसे चमकीला पत्थर दिखाया. सुनार ने  उस चमकीले पत्थर को देखा और बोला, की इसे 50 लाख मे मुझे बेच दे l शिष्य ने उसे भी मना कर दिया तो सुनार बोला की एक करोड़ मे यह दे दे या बता तुझे इसकी कितनी कीमत चाहिए. शिष्य ने उस सुनार से कहा की मै माफ़ी चाहता हूँ. मै इस बेच नहीं सकता क्योकि मेरे गुरू जी ने इसे बेचने से मना किया है l

आगे शिष्य एक बड़े हीरे बेचने वाले एक जौहरी के पास गया और उसे चमकीला पत्थर दिखाया l जोहरी ने पत्थर को देखकर शिष्य को बताया की यह तो बेशकीमती रुबी है. उसने रुबी के पास एक लाल रंग का कपडा बिछाया और फिर उस पत्त्थर यानि की बेशकीमती रुबी की परिक्रमा लगाई और माथा टेका l
जौहरी शिष्य से बोला की यह बहुत ही कम पाए जाने वाला रूबी है. तू इस कहाँ से लाया है. इसके लिए तो करोडो रुपए भी कम है.
शिष्य हैरान और परेशान होकर सीधे अपने गुरु के पास गया और फिर सारी बात बताई और बोला की कृपया करके अब आप बताओ गुरु जी की हमारे जीवन का मूल्य (value of life)  क्या है
गुरु बोले :
फल वाले को दिखाने पर उसने इसकी कीमत “२ किलो फल ” की बताई l
सब्जी वाले के पास जाने पर उसने  इसकी कीमत “एक बोरी सब्जी ” बताई l
आगे सुनार ने “एक करोड़” और  जौहरी ने इसे बेशकीमती बताया l
इसी तरह मानवीय जीवन के मूल्य (value of life) का भी है l

तुम बेशक हीरे के सामान हो .. लेकिन  सामने वाला हमेशा तुम्हारी कीमत अपनी हैसियत – अपनी जानकारी – अपनी समझ के हिसाब से ही लगाएगा. मानव जीवन (value of life) अमूल्य है. इसकी कीमत कोई नहीं लगा सकता.

इसलिए अगर जिन्दगी के किसी मोड़ पर कोई तुम्हारी काबिलयत की आलोचना करे या तुम्हे नाकारा समझे तो घबराना मत क्योकि दुनिया में तुम्हे पहचानने वाले भी मिल ही जायेगे।

Respect Yourself,
You are very Unique.

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