शनिवार, 16 अप्रैल 2016

काली मिर्च का प्रयोग

क्या आप जानते हैं कि काली मिर्च टोने-टोटकों में भी काम आती है। काली मिर्च से जहां स्वास्थ्य तो सही रहता ही है वहीं कई तरह की बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं काली मिर्च के ऐसे ही कुछ उपाय जिनसे आपका भाग्य बदल जाएगा। (1) ज्योतिष के अनुसार काली मिर्च को शनि ग्रह की कारक वस्तु माना गया है। शनि की साढ़े साती या ढैय्या की स्थिति में काले कपड़े में थोड़ी सी काली मिर्च और कुछ पैसे दान करना चाहिए। इससे शनि का प्रकोप तुरंत ही शांत होगा। (2) अगर आप किसी भी तरह से शनि दोष से पीड़ित है तो भोजन करते समय कभी भी उपर से नमक या मिर्च नहीं लें वरन काला नमक और काली मिर्च का ही प्रयोग करें। इससे शनि का बुरा असर खत्म होगा। (3) अगर आपका काम बार-बार बिगड़ रहा हो तो इसके लिए भी एक बहुत ही आसान सा टोटका है। घर से बाहर निकलते समय मेन गेट पर काली मिर्च रखें और जाते समय इस पर पैर रख कर निकलें, आपका हर कार्य पूरा होगा। परन्तु ध्यान रखें कि काली मिर्च पर पैर रखने के बाद वापिस घर में नहीं आना है अन्यथा इसका उल्टा असर भी हो सकता है। (4) अगर आप काफी सारा धन कमाना चाहते हैं परन्तु परिस्थितियों तथा भाग्य के चलते नहीं कमा पा रहे हैं तो यह उपाय आपके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। आपको सिर्फ इतना सा करना है कि शुक्ल पक्ष (चांदनी पक्ष) में काली मिर्च के पांच दाने लेकर अपने सिर पर से 7 बार उसार लें। इसके बाद किसी सुनसान चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में एक-एक दाना फेंक दे तथा पांचवे बचे काली मिर्च के दाने को आसमान की तरफ फेंक दें और बिना पीछे देखे या किसी से बात घर वापिस आ जाए। आपको जल्दी ही पैसा मिलेगा। (5) काली मिर्च के 7-8 दाने लेकर उसे घर के किसी कोने में दिए में रखकर जला दें। घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाएगी। (6) 5 ग्राम हींग, 5 ग्राम कपूर तथा 5 ग्राम काली मिर्च को मिलाकर पाउडर बना लें और फिर उस चूर्ण की राई के दाने बराबर गोलियां बना लें। अब इन गोलियों को दो बराबर हिस्सों में बांद दें। एक हिस्से को सुबह और दूसरे हिस्से को शाम के समय घर में जलाएं। इस तरह लगातार तीन दिनों तक करने में घर को लगी बुरी नजर उतर जाती है और घर में किसी तरह की कोई बुरी शक्ति होती है तो वह भी चली जाती है।

सोमवार, 11 अप्रैल 2016

Smart class

कक्षा में प्रौद्योगिकी संपादित करें पारंपरिक कक्षाओं में वर्तमान में कंप्यूटर और गैर कंप्यूटर प्रौद्योगिकी के कई प्रकार उपयोग में हैं। इनमें शामिल हैं: कक्षा में कम्प्यूटर: कक्षा में कंप्यूटर होना एक शिक्षक के लिए एक संपत्ति है। कक्षा में एक कंप्यूटर के साथ, शिक्षक एक नया पाठ प्रदर्शित करने, नयी सामग्री प्रस्तुत करने, नये प्रोग्राम का उपयोग समझाने और नयी वेबसाइट दिखाने में सक्षम होते हैं।[18] कक्षा वेबसाइट: अपने छात्रों के काम को प्रदर्शित करने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है कि अपनी कक्षा के लिए डिजाइन किया हुआ एक वेब पेज बनाया जाये. एक बार एक वेब पेज बनाया लिया गया है, तो शिक्षक उस पर गृहकार्य, छात्र कार्य, प्रसिद्ध उद्धरण, छोटे-मोटे गेम और भी बहुत कुछ पोस्ट कर सकते हैं। आजकल के समाज में, बच्चे कंप्यूटर का उपयोग जानते हैं, वे वेबसाइट खोल सकते हैं, तो उन्हें क्यों नहीं कंप्यूटर उपलब्ध करवा दिया जाये जहां वे एक प्रकाशित लेखक बन सकें. जरा सावधानी के साथ, क्योंकि अधिकतर जिलों में स्कूल और कक्षाओं में आधिकारिक वेबसाइट प्रबंधन के लिये सख्त नीतियां हैं। इसके अलावा, सभी स्कूल जिले शिक्षक वेबपेज उपलब्ध करवाते हैं जिन्हें आसानी से स्कूल जिले की वेबसाइट के माध्यम से देखा जा सकता है। कक्षा ब्लॉग और विकी: वेब 2.0 के उपकरणों के कुछ प्रकार हैं जिन्हें कक्षाओं में क्रियान्वित किया जा रहा है। ब्लॉग से छात्रों को विचार, कल्पनाओं और कार्य, छात्र टिप्पणी और बार-बार दुहरानेवाले प्रतिबिंब के लिए एक पत्रिका की तरह चल रहे संवाद को बनाए रखने की सुविधा निलती है। विकी अधिक समूह केंद्रित हैं जहां समूह के कई सदस्यों को एक एकल दस्तावेज़ को संपादित करने और वास्तव में सब के सहयोग से और ध्यान से संपादित अंतिम उत्पाद बनाने की सुविधा प्रदान करता है। वायरलेस कक्षा माइक्रोफोन: कक्षाओं में एक दैनिक घटना है, माइक्रोफोन की मदद से छात्र अपने शिक्षकों को स्पष्ट सुनने में सक्षम हैं। बच्चों को बेहतर सीखते हैं जब वे शिक्षक को स्पष्ट रूप से सुनते हैं। शिक्षकों के लिए लाभ यह है कि वे अब दिन के अंत में अपनी आवाज नहीं खोते. मोबाइल डिवाइस: या स्मार्टफोन मोबाइल उपकरण जैसे क्लिकर्स या स्मार्टफोन कक्षा अनुभव बढ़ाने के लिए उपयोग किये जा सकते हैं, इससे प्रोफेसरों को प्रतिपुष्टि प्राप्त होने की संभावना होती है।[19] (एमलर्निंग (MLearning) लेख में और अधिक पढ़ें). स्मार्टबोर्ड्स: एक इंटरैक्टिव सफेद बोर्ड है जो कंप्यूटर अनुप्रयोगों के लिए स्पर्श नियंत्रण प्रदान करता है। जो कुछ भी एक कंप्यूटर स्क्रीन पर किया जा सकता है उसे दिखाने से कक्षा में अनुभव में वृद्धि होती है। यह न केवल दृश्य अधिगम में सहायक है, बल्कि यह परसस्पर प्रभावी है ताकि छात्र उस पर चित्र बना सकते हैं, लिख सकते हैं या स्मार्टबोर्ड पर पर छवियों में हेरफेर कर सकते हैं। ऑनलाइन मीडिया: कक्षा पाठ के संवर्द्धन हेतु प्रदर्शित वीडियो वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है (जैसे यूनाइटेड स्ट्रीमिंग, टीचर ट्यूब आदि). स्थानीय स्कूल बोर्ड और कोष उपलब्धता के आधार पर अन्य बहुत से उपकरणों का उपयोग किया जाता है। इन में डिजिटल कैमरा, वीडियो कैमरा, इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड उपकरण, दस्तावेज़ कैमरा या एलसीडी प्रोजेक्टर शामिल हो सकते हैं।

सोमवार, 21 मार्च 2016

E

बेहतर से बेहतर कि तलाश करो मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो Behtar se behtar ki talash karo Mil jaye nadi to samandar ki talash karo Tut jata he sheesha patthar ki chot se Tut jaye patthar aesa sheesha talash karo

D

परिंदो को मिलेगी मंज़िल एक दिन ये फैले हुए उनके पर बोलते है और वही लोग रहते है खामोश अक्सर ज़माने में जिनके हुनर बोलते है Parindo ko milegi manzil ek din Ye faile hue unke par bolte hai Aur wahi log rehte hai khamosh aksar Zamane me jinke hunar bolte hai

C

तू रख हौसला वो मंजर भी आएगा प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा थक हार के ना रुकना ऐ मंजिल के मुसाफिर मंज़िल भी मिलेगी मिलने का मज़ा भी आएगा Tu rakh hausala wo manjar bhi aayega Pyase ke pas chalkar samandar bhi aayega Thak haar ke na rukna ae manjil ke musafir Manzil bhi milegi milne ka maja bhi aayega

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